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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pawan Express News: सफर के दौरान रेलयात्री की मौत, 106 किमी तक शव के साथ दौड़ती रही ट्रेन; फिर...

    Updated: Mon, 26 Feb 2024 08:17 PM (IST)

    Pawan Express लोकमान्य तिलक टर्मिनल से जयनगर के लिए परिचालित होने वाली पवन एक्सप्रेस ( ट्रेन संख्या 11061) रविवार की रात 1026 बजे समस्तीपुर जंक्शन पर ...और पढ़ें

    सफर के दौरान रेलयात्री की मौत, 106 किमी तक शव के साथ दौड़ती रही ट्रेन
    सफर के दौरान रेलयात्री की मौत, 106 किमी तक शव के साथ दौड़ती रही ट्रेन

    HighLights

    1. समस्तीपुर जंक्शन पर सूचना मिलने के बाद राजकीय रेल पुलिस ने दर्ज किया मामला
    2. सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव घरवालों को सौंपा गया
    3. घंटे भर देरी से हुआ पवन एक्सप्रेस का परिचालन

    जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। पवन एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में यात्रा के दौरान एक यात्री की मौत हो गई। इसके बाद भी ट्रेन 106 किमी तक शव के साथ दौड़ती रही। समस्तीपुर जंक्शन पर ट्रेन के पहुंची। इसके बाद राजकीय रेल पुलिस को सूचना मिली। इससे जंक्शन परिसर में हड़कंप मच गया। जांच में पूरा मामला स्पष्ट हुआ।

    रेल थानाध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद आलोक ने यूडी केस दर्ज किया। फिर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया। रेल थानाध्यक्ष ने कहा कि यात्रा के दौरान किसी ने भी रेल पुलिस और टीटीई को मौत की जानकारी नहीं दी। समस्तीपुर आने पर सूचना के बाद रेल पुलिस ने जरूरी कार्रवाई की है।

    जानकारी के अनुसार, लोकमान्य तिलक टर्मिनल से जयनगर के लिए परिचालित होने वाली पवन एक्सप्रेस ( ट्रेन संख्या 11061) रविवार की रात 10:26 बजे समस्तीपुर जंक्शन पर पहुंची। यात्री ने बोगी शव में रहने की सूचना दी। इसके बाद टीटीई ने मेडिकल टीम को बुला लिया। रेलवे चिकित्सालय से पहुंचे चिकित्सक ने उसे मृत पाया। तब रेल पुलिस को मेमो दिया गया।

    समस्तीपुर जंक्शन पर ट्रेन की बोगी से शव निकालते कर्मी। फोटो- जागरण

    वेटिंग टिकट पर मित्र के साथ लोकमान्य तिलक टर्मिनल से कर रहा था यात्रा

    ट्रेन में लोकमान्य तिलक टर्मिनल से ही वारिसनगर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी मो. असीम नदाफ के पुत्र मो. कादिर अपने मित्र के साथ यात्रा कर रहे थे। वह मुंबई में सिलाई का काम करते थे। ट्रेन से मुजफ्फरपुर निवासी अपने मित्र अरविंद कुमार राम के साथ लौट रहे थे। इसमें मो. कादिर का टिकट वेटिंग था। ऐसे में दोनों एक ही बर्थ पर यात्रा कर रहे थे।

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    जांच में स्पष्ट हुआ कि हाजीपुर जंक्शन से ट्रेन खुलते ही मो. कादिर को सीने में दर्द होने लगा। इस क्रम में उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को सीट पर ही लिटा दिया गया। मौत के बाद यात्री का शव ट्रेन में पड़ा रहा। हाजीपुर से समस्तीपुर स्टेशन के बीच की दूरी 106 किमी है।

    सीने में दर्द की शिकायत के बाद हो गई मौत

    कादिर के साथ यात्रा करने वाले उसके मित्र अरविंद ने मोबाइल से स्वजन को सूचित किया। बताया कि सीने में दर्द की शिकायत कहने के बाद ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद कादिर का भाई अब्दुल गफ्फार मुजफ्फरपुर स्टेशन पर रविवार की रात 08:50 बजे पहुंचा। जहां पर सफर में साथ रहने वाला उसका मित्र उतर गया। वहां से भाई शव के साथ समस्तीपुर पहुंचा।

    समस्तीपुर जंक्शन पर एक घंटा तक रुकी रही ट्रेन

    समस्तीपुर जंक्शन पर ट्रेन रविवार की रात 10:20 बजे पहुंची। इस क्रम में बोगी से उतर रहे यात्री ने शव रहने की जानकारी टीटीई को दी। टीटीई ने रेलवे चिकित्सालय के साथ आरपीएफ व जीआरपी को भी जानकारी दी। इस दौरान ट्रेन करीब एक घंटा विलंब से 11:18 बजे परिचालित हुई।

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