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    रोसड़ा में 13.81 किमी लंबे डबल बाईपास का शिलान्यास आज, निर्माण के बाद मिलेगी जाम से मुक्ति

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 05:55 AM (IST)

    रोसड़ा में 13.81 किलोमीटर लंबे डबल बाईपास का शिलान्यास बिहार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने किया, जिससे शहर को भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी। ...और पढ़ें

    डबल बाईपास का नक्शा। विभाग

    डबल बाईपास का नक्शा। विभाग

    HighLights

    1. रोसड़ा में 13.81 किमी डबल बाईपास का शिलान्यास हुआ।

    2. 85 करोड़ की लागत से 18-24 माह में पूरा होगा।

    3. शहर को भीषण जाम से 70% राहत मिलेगी।

    संवाद सहयोगी, रोसड़ा (समस्तीपुर)। Rosera Double Bypass Foundation: जिले के रोसड़ा शहर को भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए रविवार को 13.81 किलोमीटर लंबे डबल बाईपास का शिलान्यास बिहार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र करेंगे। कलवाड़ा चौक पर आधारशिला रखने के बाद माध्यमिक विद्यालय कलवाड़ा परिसर में एक जनसभा का आयोजन भी किया जाएगा।

    विधायक वीरेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी और सांसद शाम्भवी चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

    डबल बाईपास का रूट

    बूढ़ी गंडक के दोनों तटबंधों पर बनने वाले दक्षिणी बाईपास की लंबाई 8.8 किलोमीटर होगी, जो बेगूसराय के दौलतपुर से शुरू होकर विभूतिपुर के सलखन्नी में एसएच 55 से जुड़ेगा।

    वहीं दूसरा बाईपास रोसड़ा-हथौड़ी पथ में बालापर चौक से शुरू होकर ढरहा के पास एसएच 88 में मिलेगा, जिसकी लंबाई 5 किलोमीटर होगी। इसके अतिरिक्त मंत्री शिवाजीनगर में बल्लीपुर से डुमरा मोहन तक सड़क चौड़ीकरण योजना की भी आधारशिला रखेंगे। 

    कम होगा ट्रैफिक दबाव

    इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से रोसड़ा अनुमंडल और आसपास के करीब 5 लाख से अधिक लोगों को सीधी राहत मिलेगी। बेगूसराय, दरभंगा, समस्तीपुर और खगड़िया जाने वाले भारी व्यावसायिक वाहनों को अब रोसड़ा शहर के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। बाईपास के रास्ते वाहन बाहर से ही निकल जाएंगे, जिससे शहर की मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव करीब 70 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। 

    लागत और समय सीमा

    लगभग 85 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से बनने वाले इस बाईपास में मजबूत सड़क संरचना के साथ छोटे पुल-पुलियों और नालों का निर्माण किया जाएगा।

    विभागीय समय सीमा के अनुसार इस परियोजना को अगले 18 से 24 महीनों के भीतर पूरी तरह से तैयार कर जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है। पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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