समस्तीपुर में हर महीने बदल रही गैस एजेंसी, आंगनबाड़ी सेविकाएं बोलीं-बच्चों को खिलाएं या दफ्तर दौड़ें
समस्तीपुर के विभूतिपुर प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाएं गैस सिलिंडर की आपूर्ति में बार-बार एजेंसी बदलने से परेशान हैं। इससे बच्चों के गर्म पोषाहार में बाध ...और पढ़ें

चूल्हे पर बन रहा नौनिहालों का भोजन। जागरण
HighLights
आंगनबाड़ी सेविकाएं गैस एजेंसी बदलने से परेशान।
बच्चों के पोषाहार में देरी, चूल्हे पर खाना।
अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया।
संवाद सहयोगी, विभूतिपुर (समस्तीपुर)। बिहार में समस्तीपुर जिले विभूतिपुर प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका परेशान हैं। सर्वाधिक परेशानी उन्हें भोजन पकाने के लिए मिलने वाले गैस सिलिंडर की है।
बार-बार गैस कनेक्शन की एजेंसी बदलने से एक तरफ सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाले गर्म पोषाहार की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
कार्यालय सूत्रों की मानें तो जैसे ही बाजार में कोई नई गैस एजेंसी आती है सभी सेविकाओं को पुरानी एजेंसी छोड़ नई दुकान से टैग होने का दबाव बनाया जाता है।
नाम न छापने की शर्त पर कई सेविकाओं ने कहा कि हम बच्चों की सेहत और भविष्य सुधारें या हर महीने नए गैस दफ्तर के चक्कर काटें।
बात न मानने पर नौकरी से बार-बार सेंटर विजिट करने, मानदेय रोकने, नौकरी से निकालने और मुंह बंद रखने की धमकी दी जाती है।
चूल्हे के धुएं में सुलग रहा नौनिहालों का बचपन
इस पूरे खेल का सबसे स्याह पहलू यह है कि जब पुराना कनेक्शन सरेंडर कर नई एजेंसी से साठगांठ की जाती है तो इस कागजी हेरफेर में हफ्तों लग जाते हैं।
इस बीच केंद्रों पर सिलिंडरों की किल्लत हो जाती है। नतीजा यह है कि मासूम बच्चों को या तो भूखा रहना पड़ता है या फिर सेविकाएं मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाती हैं। धुएं के बीच पक रहा यह पोषाहार बच्चों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।
नियम ताक पर, विभाग मौन
विभागीय गाइडलाइन कहती है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को सबसे नजदीकी और सुलभ गैस एजेंसी से जोड़ा जाए ताकि समय पर डिलीवरी हो। मगर, यहां दूरी नहीं बल्कि, 'कमीशन की दूरी' नापी जा रही है।
सीडीपीओ डा. सुनीता कुमारी ने बताया कि नीलम इण्डेन गैस सिलिंडर नहीं दे रहा था तो सेविकाएं परेशान थीं। उसे ढ़ेपुरा किया गया। जहां से आपूर्ति हो रही थी।
अब, भागवत गैस एजेंसी कल्याणपुर हस्तांतरित किया गया है। अगर, सेविकाएं अपने नजदीकी एजेंसी में कनेक्शन चाहतीं हैं और आपूर्ति हो जाएगी तो लिखित आवेदन के आधार पर नजदीकी एजेंसी में कनेक्शन करवा दिया जाएगा।
मामला बेहद गंभीर है। आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही या जबरन गैस कनेक्शन बदलवाने की जरूरत नहीं है। इस पूरे मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की जा रही है। इसके बाद अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस