समस्तीपुर के श्री रामजानकी मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी सेवा शुरू करने की मांग हुई तेज
Samastipur Hospital Emergency Service: समस्तीपुर के श्री रामजानकी मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन सेवा शुरू करने की मांग जोर पकड़ रही ...और पढ़ें

श्री रामजानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल।
संवाद सहयोगी, सरायरंजन (समस्तीपुर)। Shri Ram Janki Medical College: प्रखंड के नरघोघी स्थित 500 बेड की क्षमता वाले श्री रामजानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आपातकालीन सेवा अविलंब शुरू कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
अस्पताल की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) सेवा में प्रतिदिन औसतन 500 से 600 मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। हालांकि इमरजेंसी सेवा ठप रहने के कारण गंभीर बीमारियों और सड़क हादसों में घायल मरीजों को समय पर जरूरी उपचार नहीं मिल पा रहा है।
मरीजों पर आर्थिक बोझ
आपात स्थिति में स्थानीय लोगों को समस्तीपुर सदर अस्पताल या महंगे निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों के परिजनों को मानसिक परेशानी के साथ-साथ भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में तुरंत आपातकालीन सेवा बहाल करने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों ने उठाई आवाज
मांग करने वालों में मुख्य रूप से शिवनाथ झा, सुनील ठाकुर, प्रो. अमरेंद्र कुमार, डॉ. रामकिशोर चौधरी, हरेराम सहनी, मुकेश कुमार और मुकेश झा शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इमरजेंसी सेवा शुरू होने से क्षेत्र के लाखों लोगों को अपने नजदीक ही 24 घंटे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं इस मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन ने भी अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की है।
नियुक्ति की प्रक्रिया जारी
अस्पताल की अधीक्षक डॉ. (प्रो.) पूनम कुमारी ने बताया कि संस्थान में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में नए छात्रों के नामांकन की औपचारिक प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक और इमरजेंसी वार्ड शुरू करने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को लिखित रूप से सूचित कर दिया गया है।
संसाधन मिलते ही शुरुआत
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक पर्याप्त डॉक्टरों की उपलब्धता न होने के कारण यह सेवा लंबित थी। स्वास्थ्य विभाग से अंतिम मंजूरी और जरूरी मेडिकल संसाधन प्राप्त होते ही इमरजेंसी सेवा पूरी तरह चालू कर दी जाएगी।
प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को जल्द से जल्द यह सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
