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    बच्चों की पढ़ाई के पैसे से 14 हजार की जलेबी खा गए गुरुजी, समस्तीपुर में रोचक मामला उजागर

    Updated: Sun, 14 Jun 2026 07:12 PM (GMT+05:30)

    समस्तीपुर के पटोरी प्रखंड में शिक्षा विभाग की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। 14 हजार की जलेबी खरीद सहित वित्तीय गड़बड़ी के आरोप में दो प ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)

    संवाद सहयोगी, शाहपुर पटोरी (समस्तीपुर)। पटोरी प्रखंड के शिक्षा विभाग में जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।

    जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) ने दो प्रधानाध्यापकों और दो विशिष्ट शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

    चार शिक्षकों पर गिरी निलंबन की गाज

    निलंबित किए गए शिक्षकों में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सैदपुर के प्रधान शिक्षक मिलन कुमार, प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष रंजन, विशिष्ट शिक्षक विमल कुमार बनर्जी तथा विशिष्ट शिक्षिका स्वीकृति शामिल हैं। इन सभी का मुख्यालय अलग-अलग प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालयों में निर्धारित किया गया है।

    जांच में मिलीं कई गंभीर खामियां

    प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनीष कुमार को इन शिक्षकों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद विद्यालयों की जांच कराई गई।

    राजकीय प्राथमिक विद्यालय सैदपुर में शौचालय और स्टाफ रूम बंद पाए गए। बच्चों को शौचालय के लिए घर जाना पड़ता था। विद्यालय का चापाकल भी खराब मिला, जबकि मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं थी।

    14 हजार की जलेबी का बिल बना चर्चा का विषय

    जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात समग्र शिक्षा अनुदान कोष से 14 हजार रुपये की जलेबी खरीद दिखाकर राशि निकासी का मामला सामने आया। जांच टीम ने इसे वित्तीय अनियमितता और राशि के दुरुपयोग का मामला माना। इसके अलावा विद्यालय में उपस्थिति पंजी में भी गड़बड़ी मिलने की बात सामने आई।

    फर्जी हाजिरी और विभाग को गुमराह करने का आरोप

    प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष रंजन, विशिष्ट शिक्षक विमल कुमार बनर्जी तथा विशिष्ट शिक्षिका स्वीकृति पर फर्जी उपस्थिति दर्ज करने, विभाग को गुमराह करने और प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप साबित हुए। जांच प्रतिवेदन के आधार पर उनके विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की गई।

    शिकायतों की पुष्टि के बाद हुई कार्रवाई

    बीईओ मनीष कुमार ने बताया कि इन शिक्षकों के विरुद्ध लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान अधिकांश आरोप सही पाए गए। इसके बाद उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई, जिसके आधार पर संबंधित शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया।

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