यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: अशोक चौधरी और महेश्वर हजारी की संतान आमने-सामने, इस सीट पर दिलचस्प होगा मुकाबला
समस्तीपुर लोकसभा सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है क्योंकि नीतीश कैबिनेट के दो मंत्रियों की संतान आमने-सामने है। दोनों मंत्रियों की संतान ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। समस्तीपुर लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने देर शाम अपने प्रत्याशी की घोषणा की। पार्टी ने हाल ही में कांग्रेस में शामिल नीतीश मंत्रिमंडल के सूचना जनसंपर्क मंत्री महेश्वर हजारी के पुत्र सन्नी हजारी पर अपना भरोसा जताया है।
सन्नी वर्तमान में खानपुर प्रखंड के प्रमुख हैं। एनडीए गठबंधन से लोजपा के टिकट पर नीतीश मंत्रिमंडल में मंत्री अशोक चौधरी की पुत्री शांभवी भी इसी सीट से चुनाव लड़ रही हैं। अब इन दोनों के बीच मुख्य मुकाबला होगा।
यह मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है, क्योंकि नीतीश कैबिनेट के ही दूसरे मंत्री के पुत्र व पुत्री इस सीट पर आमने-सामने हैं। दोनों मंत्रियों की संतान अपने पिता की पार्टी को छोड़ दूसरी पार्टी से चुनाव लड़ रही है।
इसमें अशोक चौधरी की पुत्री शांभवी लोजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही है। इसका जदयू के साथ बिहार में राजनीतिक तालमेल है, यानी वह एनडीए गठबंधन का हिस्सा है। दूसरी ओर सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री महेश्वर हजारी के पुत्र कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
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हजारी के सामने धर्म संकट!
कांग्रेस, आरजेडी और वामदलों के बीच गठबंधन है। ऐसे में जदयू सरकार में मंत्री हजारी के सामने यह किसी धर्म संकट से कम नहीं होगा कि वह अपने पुत्र के प्रति अपनी सहानुभूति दिखाएंगे या पार्टी के प्रति वफादारी। उन्हें दोनों में किसी एक को ही चुनना होगा।
अशोक चौधरी लगातार अपनी पुत्री को विजयी बनाने को लेकर क्षेत्र में डटे हुए हैं। वह पुत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर चुनाव प्रचार में शिद्दत से लगे हैं। इधर, महेश्वर हजारी कहते हैं कि वह पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं और वर्तमान में मधेपुरा के प्रभारी हैं। वह पार्टी को लोकसभा चुनाव में विजय बनाने के लिए तन्मयता से काम कर रहे हैं।
क्या बोले महेश्वर हजारी?
समस्तीपुर सीट पर विरोधी खेमे की पार्टी कांग्रेस ने उनके ही पुत्र को अपना उम्मीदवार बना डाला है। उनका कहना है कि यह उनके पुत्र का फैसला है और वह अपने फैसले के लिए स्वतंत्र हैं, क्योंकि वह बालिग हो चुके हैं।