बिहार के वैभव सूर्यवंशी 15 के हुए, अब टीम इंडिया में जगह बनाने की उम्मीदें बढ़ीं
समस्तीपुर के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी 27 मार्च 2026 को 15 वर्ष के हो गए हैं, जिससे उनके भारतीय टीम में शामिल होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। उन्होंने ...और पढ़ें

Happy Birthday Vaibhav Suryavanshi : यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई।
HighLights
वैभव सूर्यवंशी 15 वर्ष के हुए, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार।
सबसे कम उम्र में रणजी ट्रॉफी पदार्पण का रिकॉर्ड बनाया।
अंडर-19 में शानदार प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।
डिजिटल डेस्क, समस्तीपुर। Vaibhav Suryavanshi : भारतीय क्रिकेट के आकाश पर बिहार का एक और सितारा चमकने को पूरी तरह तैयार है। समस्तीपुर जिले के ताजपुर निवासी युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अब जल्द ही नीली जर्सी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते नजर आ सकते हैं।
27 मार्च को वैभव अपनी आयु के 15 वर्ष कर गए, जिसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मानकों के अनुरूप एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। इस विशेष उपलब्धि के साथ ही उनके भारतीय टीम का हिस्सा बनने की उम्मीदें और दावेदारी अब पहले से कहीं अधिक पुख्ता हो गई है, जिससे पूरे समस्तीपुर जिले में खुशी की लहर है।
प्रतिभा का लोहा मान चुकी है दुनिया
वैभव सूर्यवंशी ने महज 12-13 साल की उम्र में वह कारनामा कर दिखाया था, जो क्रिकेट की दुनिया में कम ही देखने को मिलता है। उन्होंने बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में पदार्पण कर सबसे कम उम्र के प्रथम श्रेणी क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया था।
इसके बाद अंडर-19 के अंतरराष्ट्रीय मैचों में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उनके बल्ले से निकली तूफानी पारियों ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर मजबूती से खींचा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव
क्रिकेट जगत में 15 साल की उम्र को एक परिपक्व पड़ाव माना जाता है। आईसीसी (ICC) के कुछ आयु संबंधी नियमों और खिलाड़ी की शारीरिक व मानसिक परिपक्वता के लिहाज से यह उम्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखने के लिए आदर्श मानी जाती है।
खबरें और भी
समस्तीपुर के खेल प्रेमियों का मानना है कि वैभव की तकनीक, आक्रामकता और निरंतरता उन्हें मौजूदा समय के कई स्थापित खिलाड़ियों से आगे खड़ा करती है। अब जबकि वे 15 वर्ष के हो रहे हैं, भारतीय जर्सी पहनने की उनकी दावेदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है।
ताजपुर में जश्न का माहौल
ताजपुर स्थित उनके पैतृक क्षेत्र में वैभव के जन्मदिन को लेकर खास तैयारियां चल रही हैं। वैभव के शुरुआती को ब्रिजेश कुमार झा व खेल विशेषज्ञों का कहना है कि वैभव ने बचपन से ही खेल के प्रति जो समर्पण दिखाया है, यह उसी का सुखद परिणाम है। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने उनके करियर को संवारने में जो मेहनत की है, वह आज पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय बन चुकी है।
टीम इंडिया के लिए दावेदारी हुई पुख्ता
आईपीएल की नीलामी में सबसे कम उम्र में खरीदे जाने वाले खिलाड़ी बनकर इतिहास रचने वाले वैभव अब चयनकर्ताओं के नजर में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 15 साल की आयु पूरी करने के बाद वे तकनीकी रूप से हर स्तर के क्रिकेट के लिए पूरी तरह योग्य हो जाएंगे। वह दिन दूर नहीं जब समस्तीपुर का यह बेटा भारतीय टीम का हिस्सा बनकर अंतरराष्ट्रीय मैदान पर तिरंगा लहराएगा।