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    एक नंबर से RRB में चूके, अब SBI में बने सर्किल बेस्ड ऑफिसर; सारण के लाल ने क‍िया कमाल

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 08:53 AM (IST)

    एकमा प्रखंड के हुस्सेपुर गांव के अंशु कुमार ओझा ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की सर्किल बेस्ड ऑफिसर (CBO) परीक्षा उत्तीर्ण की है। उनकी इस उपलब्धि से गांव ...और पढ़ें

    अंशु कुमार ओझा (फाइल फोटो)।

    अंशु कुमार ओझा (फाइल फोटो)।

    HighLights

    1. अंशु कुमार ओझा ने भारतीय स्टेट बैंक की CBO परीक्षा उत्तीर्ण की।

    2. सारण के हुस्सेपुर गांव में खुशी और प्रेरणा का माहौल।

    3. एक अंक से चूकने के बाद भी नहीं मानी हार, मिली सफलता।

    संवाद सूत्र, एकमा (सारण)। एकमा प्रखंड के हुस्सेपुर गांव के युवा अंशु कुमार ओझा ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की प्रतिष्ठित सर्किल बेस्ड ऑफिसर (सीबीओ) परीक्षा उत्तीर्ण कर नाम रोशन किया है।

    उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है। परिजन, रिश्तेदार, मित्रों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

    अंशु कुमार ओझा, हुस्सेपुर निवासी सुनील कुमार ओझा एवं कुंती देवी के पुत्र हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने का लक्ष्य तय किया।

    इसके लिए उन्होंने मणिपाल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड फाइनेंस (पीजीडीबीएफ) किया। पढ़ाई पूरी होने के बाद उनका चयन आईसीआईसीआई बैंक, बेंगलुरु में हुआ, जहां उन्होंने करीब तीन वर्षों तक बैंकिंग सेवाओं में कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभव हासिल किया।

    एक अंक से चूके, फिर भी नहीं मानी हार

    बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी करते हुए अंशु ने अपनी तैयारी जारी रखी। इसी दौरान उन्होंने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) की परीक्षा भी दी, लेकिन महज एक अंक से चयन से वंचित रह गए।

    यह असफलता उनके लिए बड़ा झटका थी, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। निरंतर अध्ययन, कठिन परिश्रम, अनुशासित दिनचर्या और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने दोबारा तैयारी की और आखिरकार एसबीआई की सीबीओ परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अपना सपना साकार कर लिया।

    सफलता को बताया नई जिम्मेदारियों की शुरुआत

    अपनी सफलता पर अंशु कुमार ओझा ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों और बड़े उद्देश्यों की शुरुआत है।

    उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय भगवान, पूर्वजों, माता-पिता, परिवार के सदस्यों, गुरुजनों तथा शुभचिंतकों के आशीर्वाद और सहयोग को दिया।

    उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और धैर्य के साथ निरंतर प्रयास करने वालों को एक न एक दिन सफलता अवश्य मिलती है।

    अंशु की सफलता की खबर मिलते ही हुस्सेपुर गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।  

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