सारण का बाबा गुप्तेश्वरनाथ मंदिर: खुदाई के दौरान निकला था स्वयंभू शिवलिंग, सावन में दर्शन के लिए उमड़ती है भीड़
सारण के दिघवारा स्थित बाबा गुप्तेश्वरनाथ मंदिर एक पौराणिक स्थल है, जहां स्वयंभू शिवलिंग भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करता है। यह मंदिर श्रावण मास और महाश ...और पढ़ें
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बाबा गुप्तेश्वरनाथ। फोटो जागरण
HighLights
दिघवारा का बाबा गुप्तेश्वरनाथ मंदिर एक पौराणिक स्थल है।
यहां स्वयंभू शिवलिंग भक्तों की हर मनोकामना पूरी करता है।
श्रावण मास में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
जागरण संवाददाता, सारण। जिले के दिघवारा नगर पंचायत के चकनूर गांव स्थित बाबा गुप्तेश्वरनाथ का मंदिर पौराणिक स्थल के रूप में विख्यात है। बाबा गुप्तेश्वरनाथ का प्राचीन शिवलिंग आस्था का प्रतीक है।
मान्यता है कि यहां पहुंचने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। वैसे तो वर्षभर मंदिर में श्रद्धालु पूजा अर्चना को आते है, लेकिन श्रावण मास में यह मंदिर श्रद्धा का केंद्र बना रहता है। यहां शिवलिंग स्वयंभू है। लोगों की मुरादें पूरी होने के कारण दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
महाशिवरात्री पर यहां विशेष शिवपूजा व शिव बरात के चलते श्रद्धालुओं का सैलाब देखने को मिलता है। वर्तमान में पौराणिक मंदिर का शिवलिंग नवनिर्मित मंदिर में स्थापित किया गया है। जहां श्रद्धालु की भीड़ लग रही है। यह सोनपुर-छपरा रेलमार्ग व सड़क मार्ग पर दिघवारा में स्थित है।
मंदिर का इतिहास
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता सती जब बिन बुलाए अपने पिता दक्ष के द्वारा आयोजित यज्ञ में चली गई थी। तब भगवान शिव सती पर नजर रखने के लिए गुप्तरूप से यहां प्रकट हुए थे, इसलिए इस मंदिर का नामकरण बाबा गुप्तेश्वरनाथ मंदिर पड़ा।
किवदंती के अनुसार, यहां घोर जंगल हुआ करता था। ग्रामीणों के द्वारा जंगल की सफाई शुरू की गई, तब यहीं के एक ग्रामीण को भगवान शिव ने स्वप्न दिया, "मैं इन्हीं जंगलों के बीच मिट्टी में दबा हूं। मुझे निकालो।" सुबह उसने अन्य ग्रामीणों को स्वप्न की बात बताई। ग्रामीणों ने मिट्टी की खुदाई की तो स्वयंभू शिवलिंग निकल आया। तभी से यहां पूजा अर्चना होने लगी।
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बाबा गुप्तेश्वरनाथ मंदिर पर प्रतिदिन दूरदराज से लोग दर्शन पूजन आदि के लिए आते है, लेकिन सावन महीने में जलाभिषेक करने वालों की काफी भीड़ होती है। वर्ष में कई बार अद्भुत श्रृंगार किया जाता है। शिवरात्री पर बाबा की विशेष श्रृंगार किया जाता है। मंदिर का शिवलिंग चमत्कारिक है। मान्यता से बाबा के दरबार में शीश नवाते है और पूजा अर्चना करते है उन्हें मनोवांछित फल मिलता है। -रौशन मिश्रा, ग्रामीण
बाबा गुप्तेश्वरनाथ की महिमा निराली है। बाबा भोलेनाथ का शिवलिंग सवयंभू होने के कारण चमत्कारिक है। मन में लाया विचार व मुरादें बाबा गुप्तेश्वरनाथ बाबा पूर्ण करते है। इनकी सेवा करने वाले कभी निराश नहीं हुए है। -जितेंद्र मिश्रा, पुजारी