173 साल बाद भी बनियापुर में नहीं पहुंची ट्रेन; 25 किमी दूर जाकर पकड़नी पड़ती है रेल
भारतीय रेल के 173 साल के सफर के बावजूद सारण जिले का बनियापुर प्रखंड आज भी रेल सुविधा से वंचित है। यहां के निवासियों को ट्रेन पकड़ने के लिए 20-25 किलोम ...और पढ़ें

सारण के बनियापुर को अब भी रेल का इंतजार। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
बनियापुर प्रखंड 173 साल बाद भी रेल सुविधा से वंचित।
निवासियों को ट्रेन के लिए 20-25 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
रेल लाइन से क्षेत्र में विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
राजू सिंह, बनियापुर (सारण)। भारतीय रेल के 173 वर्षों के सफर के बावजूद सारण जिले का बनियापुर प्रखंड आज भी रेल सुविधा से वंचित है।
देश में जहां बुलेट ट्रेन और आधुनिक रेलवे नेटवर्क की चर्चा हो रही है, वहीं बनियापुर के लोगों को अब तक ट्रेन सेवा का इंतजार है।
गौरतलब है कि भारतीय रेल की शुरुआत 16 अप्रैल 1853 को हुई थी, जब पहली ट्रेन मुंबई के बोरीबंदर स्टेशन (वर्तमान छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल) से ठाणे के बीच चली थी।
बनियापुर नहीं आया रेल मानचित्र पर
आज रेल नेटवर्क देश के कोने-कोने तक फैल चुका है, लेकिन बनियापुर अब भी रेल मानचित्र पर अपनी जगह नहीं बना सका है।
यहां के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए 20 से 25 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है। किसी को छपरा तो किसी को एकमा स्टेशन तक जाना पड़ता है।
खासकर छात्रों, मरीजों और दैनिक यात्रियों के लिए यह दूरी बड़ी परेशानी बन गई है। और भी हैरानी की बात यह है कि बनियापुर क्षेत्र को वर्षों पहले राष्ट्रीय राजमार्ग-101 के जरिए सारण, सिवान, गोपालगंज और मोतिहारी से जोड़ने की योजना बनाई गई थी।
रेल लाइन से विकास को मिलेगी गति
यह मार्ग आगे नेपाल के अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी जुड़ता है, जिससे इसकी रणनीतिक और व्यावसायिक महत्ता और बढ़ जाती है। इसके बावजूद यह इलाका आज भी रेल संपर्क से वंचित है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बनियापुर में रेल लाइन बिछाई जाती है, तो यह केवल यातायात का साधन नहीं होगा, बल्कि विकास की नई धारा लेकर आएगा।
व्यापारियों को माल ढुलाई में सुविधा मिलेगी, किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
हालांकि, वर्षों से इस मांग को लेकर आवाज उठती रही है, लेकिन अब तक यह केवल आश्वासन तक ही सीमित रही है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता से लोगों में निराशा बढ़ रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब देश के दूर-दराज क्षेत्रों तक रेलवे पहुंच चुकी है, तो बनियापुर कब तक इंतजार करता रहेगा? क्षेत्रवासियों की नजरें अब सरकार पर टिकी हैं।
इस उम्मीद के साथ कि जल्द ही यहां भी रेल की सीटी गूंजेगी और बनियापुर विकास की मुख्यधारा से जुड़ पाएगा।