खेतों में गरजी बंदूक: मढ़ौरा में अभियान चलाकर मारे गए 50 घोड़परास, किसानों को मिली राहत
मढ़ौरा, सारण में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे 50 घोड़परास को मारने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। हैदराबाद के शूटर शफात अली खान ने इस अभियान का नेतृत ...और पढ़ें

किसानों ने राहत की सांस ली
संवादसूत्र, मढ़ौरा (सारण)। प्रखंड के रामपुर पंचायत में गुरुवार की सुबह खेतों में अचानक हलचल मच गई। दरअसल फसलों को नुकसान पहुंचा रहे घोड़परास को मारने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। सुबह होते ही खेतों में बंदूक की आवाज गूंजने लगी। अभियान के तहत शूटर ने खेतों और आसपास के इलाकों में घोड़परास का शिकार शुरू किया। दोपहर तक करीब 50 घोड़परास मारे जाने की जानकारी मिली। इस कार्रवाई से किसानों ने राहत की सांस ली है।
हैदराबाद से आए शूटर ने संभाली जिम्मेदारी
घोड़परास मारने के इस अभियान के लिए विशेष रूप से शूटर बुलाए गए थे। हैदराबाद से आए शूटर शफात अली खान ने पूरे अभियान की जिम्मेदारी संभाली।
उन्होंने खेतों में जाकर घोड़परास को निशाना बनाया। सुबह से लेकर दोपहर तक लगातार अभियान चलता रहा। इस दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोगों को दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। प्रशासन की निगरानी में यह कार्रवाई की गई।
शिकार देखने उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
अभियान की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के लोग भी खेतों की ओर पहुंचने लगे। घोड़परास के शिकार को देखने के लिए काफी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए।
भीड़ बढ़ने पर शूटर ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की हिदायत दी। ग्रामीणों को बताया गया कि शिकार के दौरान पास जाना खतरनाक हो सकता है।
इसके बाद लोगों को खेतों से दूर रहने के लिए कहा गया। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे।
जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफनाए गए घोड़परास
अभियान के दौरान मारे गए घोड़परास को खेतों में ही गड्ढा खोदकर दफन किया गया। इसके लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई। मृत घोड़परास को एक जगह इकट्ठा कर गड्ढों में दबाया गया।
ताकि आसपास के इलाके में किसी प्रकार की समस्या न हो। प्रशासन ने इस प्रक्रिया को भी निगरानी में कराया। इसके बाद अभियान को समाप्त किया गया।
किसानों को लंबे समय से हो रहा था नुकसान
रामपुर पंचायत के मुखिया अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि घोड़परास से किसानों की फसलें लगातार नष्ट हो रही थीं। कई किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।
इसी कारण प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग की गई थी। सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी की पहल से यह अभियान चलाया गया।
अभियान के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। मौके पर कई ग्रामीण और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।