बिहार के इस शहर में बनेगी विशाल Police Academy, 59 एकड़ में आकार लेगा सपनों का प्रोजेक्ट
सारण जिले के पानापुर प्रखंड में 59 एकड़ भूमि पर बिहार पुलिस एकेडमी का निर्माण होगा। यह परियोजना कभी पिछड़े और नक्सल प्रभावित क्षेत्र की पहचान बदलकर वि ...और पढ़ें
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बनेगी पुलिस एकेडमी। (जागरण)
HighLights
पानापुर में 59 एकड़ में बिहार पुलिस एकेडमी बनेगी।
यह परियोजना पिछड़े और नक्सल प्रभावित क्षेत्र को बदलेगी।
एकेडमी से रोजगार, विकास और बेहतर बुनियादी ढांचा मिलेगा।
अरूण कुमार तिवारी, पानापुर (सारण)। जिले का पानापुर प्रखंड यह नाम सुनते ही कभी मन में सूदूरवर्ती, पिछड़ापन और नक्सलवाद की पुरानी धुंधली तस्वीरें उभरती थीं।
एक ऐसा क्षेत्र जो दशकों तक विकास की मुख्यधारा से कटा रहा और अपनी नकारात्मक ख्याति के कारण उपेक्षित रहा। लेकिन अब इस अतीत को दफन करने की तैयारी है। अगर सब कुछ योजनानुसार चला तो अगले ही साल पानापुर बिहार और देश के मानचित्र पर अपनी एक नई और गौरवपूर्ण पहचान स्थापित करने कामयाब हो जाएगा।
पानापुर की पहचान बदलने वाली यह ऐतिहासिक परियोजना है बिहार पुलिस एकेडमी का निर्माण है। प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 59 एकड़ भूमि का चयन कर लिया है।
यह प्रस्तावित क्षेत्र पानापुर प्रखंड के रसौली और पड़ोसी मशरक प्रखंड के बंगरा गांव की सीमा पर स्थित है। अंचल कार्यालय द्वारा भूमि चयन की रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है जिससे कार्य की गति तेज हो गई है।
वर्तमान में यह पूरा इलाका एक विशाल चंवर क्षेत्र है बरसात में जलमग्न व झार झंकार से पटी रहने वाली इस भूमि पर निराशा और उपेक्षा की मिट्टी में अब उम्मीदों का सूरज उगने वाला है। यह सिर्फ ईट और गारे की इमारत नहीं बल्कि सामाजिक उत्थान का प्रतीक भी होगा।
जहां कभी नक्सलियों की आहट सुनाई देती थी अब वहां अनुशासन, प्रशिक्षण और राष्ट्र सेवा की गूंज सुनाई देगी। पुलिस एकेडमी के निर्माण से सामाजिक सम्मान व क्षेत्र की छवि रातोंरात बदल जाएगी यह पिछड़ा क्षेत्र सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में जाना जाएगा।
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साथ ही बुनियादी ढांचा एकेडमी को जोड़ने वाली सड़कें बनेंगी बिजली और संचार की व्यवस्था सुधरेगी जिससे आसपास के हजारों ग्रामीणों का जीवन स्तर ऊपर उठेगा।
इसके अलावा आर्थिक गतिविधियों के निर्माण और संचालन से युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे जिससे पलायन रुकेगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह एकेडमी न सिर्फ पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित करेगी बल्कि इस क्षेत्र के आत्मविश्वास और भविष्य को भी नया जीवन देगी। दशकों के संघर्ष के बाद पानापुर अब पीछे हटने के बजाय आगे बढ़ने की कहानी लिखने जा रहा है।