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    गायत्री मंदिर से शुरू हुई कहानी; दुर्गा मंदिर में सात फेरों के साथ हुआ मिलन, छपरा में अनोखी प्रेम कहानी

    Updated: Fri, 15 May 2026 11:43 AM (IST)

    छपरा में एक प्रेमी युगल ने शादी में हो रही देरी से परेशान होकर पुलिस की मदद से अपने परिवार की सहमति से विवाह कर लिया। गहराए प्यार के बाद, गायत्री मंदि ...और पढ़ें

    मंद‍िर में शादी के बाद खुश सुलेखा और सन्‍नी। जागरण

    मंद‍िर में शादी के बाद खुश सुलेखा और सन्‍नी। जागरण

    HighLights

    1. छपरा में प्रेमी युगल ने पुलिस के समक्ष शादी की इच्छा जताई।

    2. सगाई के बाद दोनों के बीच गहरा प्रेम संबंध विकसित हुआ।

    3. परिवार की सहमति से दुर्गा मंदिर में हुआ विवाह संपन्न।

    जागरण संवाददाता, छपरा। प्यार जब अपने मुकाम तक पहुंचने की जिद ठान ले तो फिर रास्तों की मुश्किलें भी आसान हो जाती हैं।

    कुछ ऐसा ही नजारा गुरुवार की संध्या नगर थाना में देखने को मिला, जब एक प्रेमी युगल ने पुलिस के समक्ष अपनी शादी करवाने का आवेदन देकर सभी को भावुक कर दिया। 

    मांझी थाना क्षेत्र के ताजपुर निवासी बीरेंद्र महतो की पुत्री सुलेखा कुमारी और शहर के कटहरीबाग निवासी शंभू कुमार के पुत्र सन्नी कुमार ने बताया कि दोनों की सगाई करीब छह माह पूर्व हुई थी।

    छह माह पहले हुई थी सगाई

    भगवान बाजार थाना क्षेत्र के दौलतगंज स्थित धर्मनाथ धनी मंदिर में सगाई के बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ा और रिश्ता धीरे-धीरे गहरे प्रेम में बदल गया। 

    विवाह में लगातार हो रही देरी से परेशान दोनों ने आखिरकार जिंदगी साथ बिताने का फैसला कर लिया। तय योजना के अनुसार सुलेखा पुलिस लाइन स्थित गायत्री मंदिर पहुंची। 

    वहां से सन्नी को फोन किया। इसके बाद दोनों सीधे नगर थाना पहुंचे और अपनी शादी की इच्छा पुलिस के समक्ष जाहिर की। 

    नगर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों के स्वजन को सूचना दी। कुछ ही देर में सन्नी के माता-पिता और अन्य स्वजन थाना पहुंच गए।

    दुर्गा मंदिर में वरमाला डाल बने जीवनसाथी

    सन्नी के पिता शंभू कुमार ने खुले दिल से सुलेखा को अपनी बहू के रूप में स्वीकार करते हुए शादी पर सहमति दे दी। वहीं सुलेखा की बहन ललित देवी ने भी मौके पर पहुंचकर रिश्ते को मंजूरी दे दी। 

    प्रेम में डूबे दोनों ने कहा कि सगाई के बाद से ही वे एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खा चुके हैं और अब अलग रहना उनके लिए संभव नहीं है।

    परिवार की रजामंदी मिलने के बाद पंकज सिनेमा रोड स्थित दुर्गा मंदिर में दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा किया। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने नवदंपती को आशीर्वाद देकर उनके नए जीवन की खुशियों की कामना की।