यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chhapra News: छपरा के मकेर के थानाध्यक्ष गिरफ्तार, चालक फरार; आभूषण कारोबारी से 32 लाख छीनने का आरोप
Chhapra News सारण में एक चौंकाने वाली घटना घटी है जहां मकेर थानाध्यक्ष रवि रंजन कुमार पर 32 लाख रुपये छीनने का आरोप लगा है। यह घटना तब हुई जब एक कोलका ...और पढ़ें

HighLights
- आभूषण कारोबारी से 32 लाख रुपया थानेदार व चालक में जबरन ले लिया
- एसपी के संज्ञान में मामला आने के बाद शुरू हुई जांच, रुपया हुआ बरामद
जागरण संवाददाता, छपरा। Chhapra News: अगर आप कैश लेकर कहीं जा रहे हो या रास्ते से गुजर रहे हो और अपराधी आपका पीछा करें तो सबसे पहले आपके दिमाग में एक ही बात आता है कि कोई खाकी वाला मिल जाए। अगर आप किसी खाकी वाले को अपने पास देख लेते हैं तो आपका सारा डर समाप्त हो जाता है।
लेकिन सारण में एक ऐसी घटना घटी है, जिससे हर कोई अब हैरत ने पड़ गया है कि आखिर अब विश्वास किस पर किया जाए। जिस खाकी पर आम लोगों की सुरक्षा करने कारोबारियो को अपराधियों से बचाने का जिम्मा दिया गया है, जब वही जांच के दौरान रोक कर पैसा छीनने लगे और डराने धमकाने लगे तो यह खाकी पर बड़ा सवाल उठेगा।
मकेर थानाध्यक्ष पर लग रहे गंभीर आरोप
सारण जिले के मकेर थानाध्यक्ष पर कुछ ऐसा ही आरोप लगा है। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया है। एसपी द्वारा पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। वही इस घटना में शामिल मकेर थाना का वाहन चालक फरार है।
जानकारी के अनुसार कोलकाता के एक स्वर्ण कारोबारी रुपए की वसूली कर छपरा की तरफ लौट रहे थे। तभी शुक्रवार को वाहन जांच कर रहे थानाध्यक्ष रवि रंजन कुमार लाल रंग की गाड़ी को रोककर जांच करने लगे। जांच के दौरान जब गाड़ी में उन्हें मोटी रकम दिखी तब वह लालच में पड़ गए। इस कांड में उनका भागीदार उनका चालक अनिल कुमार बना। दोनों के द्वारा 32 लाख रुपए कार से निकाल लिया जाता है।
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इसके बाद पीड़ित भौचक रह जाते हैं। उन्हें डराया धमकाया भी जाता है। डरे सहमे वह भेल्दी के तरह बढ़ते हैं। यहां आने पर जब पुलिस उनका पीछा करने लगती है तब वह और डर जाते हैं। इस बात की जानकारी वह अपने स्वजनों को देते हैं। मामला धीरे-धीरे सारण डीआईजी निलेश कुमार व वरीय पुलिस अधीक्षक डाक्टर कुमार आशीष के संज्ञान में आता है।
इतने में सारण जिला के स्वर्ण व्यवसाईयों तक बात पहुंचती है तो सभी एकजुट होकर अधिकारियों को सूचित करते हैं। शुक्रवार की रात डीआईजी व एसपी कुछ स्वर्ण कारोबारी और पीड़ित के साथ भेल्दी थाना पहुंचे। वहां पहचान कराई जाती है। जिसमें पीड़ित मकेर थानाध्यक्ष की पहचान किए।
फिर थाना प्रभारी से पूछताछ के बाद जो रुपए की छिनतई हुई थी, वह पूरा पैसा रिकवर कर लिया गया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर भेल्दी थाना में पूरी रात रखा गया था। शनिवार की सुबह उन्हें पूछताछ के लिए जिला मुख्यालय लाया गया । एसएसपी द्वारा गठित एक विशेष टीम ने अमनौर थाना क्षेत्र के रहने वाले चालक अनिल की गिरफ्तारी के लिए पूरी रात छापेमारी की गई, मगर वह अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।