गंगा पर बन रहा सिक्सलेन पुल अचानक धंसा, बिहार के दिघवारा में तेज बहाव में फंसा हाईवा और बाइक सवार
सारण जिले के दिघवारा-शेरपुर में गंगा नदी पर बन रहे सिक्सलेन पुल का एक पाया अचानक धंस गया, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज बहाव में फंसे हाईवा औ ...और पढ़ें

दिघवारा-शेरपुर में गंगा नदी पर बन रहे सिक्सलेन पुल
HighLights
दिघवारा में गंगा नदी पर पुल का पाया धंसा।
तेज बहाव में फंसे हाईवा और बाइक सवार सुरक्षित।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा पर उठे सवाल।
संवाद सूत्र, दिघवारा(सारण)। सारण जिले के दिघवारा-शेरपुर के बीच गंगा नदी पर बन रहे सिक्सलेन पुल निर्माण स्थल पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
निर्माणाधीन पुल का एक पाया अचानक धंस गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद निर्माण कार्य से जुड़े कर्मियों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
तेज बहाव में फंसा हाईवा और बाइक सवार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के दौरान पानी का बहाव काफी तेज था।
इसी दौरान एक हाईवा वाहन और एक बाइक सवार मिस्त्री इसकी चपेट में आ गए। हालांकि स्थानीय लोगों और कर्मियों की मदद से काफी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
समय रहते राहत कार्य शुरू होने से बड़ा नुकसान टल गया।
निर्माण स्थल पर बंद हुआ आवागमन
घटना के बाद दिघवारा से दानापुर तक माल ढुलाई के लिए बनाए गए अस्थायी रास्ते पर वाहनों का परिचालन रोक दिया गया।
निर्माण कंपनी के कर्मचारी सड़क को दोबारा आवागमन योग्य बनाने में जुट गए हैं।
प्रशासन और निर्माण एजेंसी की ओर से पूरे इलाके की निगरानी बढ़ा दी गई है।
पाइलिंग के दौरान अचानक धंस गया पाया
जानकारी के मुताबिक पुराना थाना मस्जिद के पास पुल के दूसरे पाए का निर्माण कार्य चल रहा था।
यहां भारी मात्रा में पानी जमा कर पाइलिंग का काम किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि जमीन से करीब 4 से 5 मीटर ऊपर निर्माण पहुंचने के बाद अचानक पाया धंस गया।
घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
बड़ा हादसा टलने से लोगों ने ली राहत की सांस
गनीमत रही कि हादसे के समय निर्माण स्थल पर ज्यादा मजदूर मौजूद नहीं थे।
अगर उस समय बड़ी संख्या में कर्मी वहां काम कर रहे होते तो गंभीर हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ सेकेंड की देरी कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती थी।
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
निर्माण कंपनी पर उठे सवाल
घटना के बाद लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा नदी में तेज बहाव और मिट्टी की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत थी।
हालांकि निर्माण एजेंसी की ओर से अभी तक इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जांच के बाद सामने आएगी असली वजह
फिलहाल प्रशासन और तकनीकी टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पाया तकनीकी खामी, मिट्टी धंसने या तेज जल बहाव की वजह से टूटा।
लोग अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।