सारण के किसानों को मिलेंगे 30.60 करोड़ रुपये मुआवजा, 10 प्रखंडों में 18 हजार हेक्टेयर से अधिक फसल बर्बाद
सारण जिले में बाढ़ और बांध टूटने से 10 प्रखंडों की 74 पंचायतों में 18,034 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई ...और पढ़ें

18 हजार हेक्टेयर से अधिक फसल बर्बाद (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
सारण के 10 प्रखंडों में 18,034 हेक्टेयर फसल बर्बाद।
किसानों को 30.60 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा।
दरियापुर, मकेर, परसा में सर्वाधिक फसल क्षति हुई।
जागरण संवाददाता, छपरा। सारण जिले में बाढ़ और बांध टूटने से हुई तबाही का असर अब खेतों में भी स्पष्ट दिखाई देने लगा है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रशासन की ओर से कराए गए फसल क्षति के आकलन में 10 प्रखंडों की 74 पंचायतों में 18,034 हेक्टेयर में लगी फसल बर्बाद होने की बात सामने आई है।
फसल क्षति को शामिल करते हुए तैयार की गई रिपोर्ट में किसानों को मुआवजा देने के लिए 30 करोड़ 60 लाख 21 हजार 500 रुपये की अनुमानित राशि निर्धारित की गई है।
9,285 हेक्टेयर में लगी फसल को नुकसान
प्रशासनिक सर्वेक्षण के अनुसार, प्रभावित खेतों में फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान पहुंचा है। इसका सबसे अधिक असर दरियापुर, मकेर और परसा प्रखंडों में पड़ा है। इन तीनों प्रखंडों में कुल 9,285 हेक्टेयर में लगी फसल को नुकसान हुआ है।
वहीं, पानापुर, सोनपुर और दिघवारा में भी बाढ़ से किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ी है। खेतों में पानी भरने और बांध टूटने से फसलें डूब गई थीं। इससे किसानों की मेहनत और खेती पर किया गया खर्च प्रभावित हुआ है।
सिंचित क्षेत्र की फसल को सबसे अधिक नुकसान
फसल क्षति के आकलन में सिंचित क्षेत्र की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। कुल प्रभावित रकबे में 17,761 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र शामिल है। इसके लिए 30 करोड़ 19 लाख 37 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति का अनुमान लगाया गया है।
वहीं, 147 हेक्टेयर असिंचित क्षेत्र की फसल क्षति के एवज में 12 लाख 49 हजार 500 रुपये तथा 126 हेक्टेयर गन्ने की फसल के नुकसान पर 28 लाख 35 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति निर्धारित की गई है। प्रशासन ने नुकसान के आकलन के आधार पर प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की है।
दरियापुर में सर्वाधिक 3,476 हेक्टेयर फसल बर्बाद
प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार, दरियापुर में 3,476 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है। यहां 13 पंचायतें प्रभावित हुई हैं। मकेर में 2,909 हेक्टेयर, परसा में 2,900 हेक्टेयर और पानापुर में 2,819 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है।
सोनपुर में 1,854 हेक्टेयर तथा दिघवारा में 1,607 हेक्टेयर फसल को क्षति पहुंची है। इसके अलावा अमनौर में 1,008, गड़खा में 723, तरैया में 713 और मांझी में 25 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले के कई प्रखंडों में किसानों को बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
आवेदन कराने के लिए पंचायतों में कर्मचारी तैनात
फसल क्षति से प्रभावित किसानों तक मुआवजे का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन ने प्रत्येक प्रभावित पंचायत में एक-एक कर्मचारी की तैनाती की है। ये कर्मचारी किसानों को क्षतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में सहयोग करेंगे।
प्रशासन की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसान अपनी फसल क्षति से संबंधित आवेदन कर सकेंगे। बाढ़ से प्रभावित किसानों को अब मुआवजे का इंतजार है, ताकि अगली खेती की तैयारी में उन्हें आर्थिक मदद मिल सके।
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