चातुर्मास से पहले शादी के सिर्फ 2 शुभ मुहूर्त बाकी, फिर 20 नवंबर तक शहनाइयों पर ब्रेक
जुलाई में विवाह के अंतिम शुभ मुहूर्त 11 और 12 जुलाई को हैं, जिसके बाद 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू होने के कारण लगभग चार महीने तक मांगलिक कार्यों पर रोक ...और पढ़ें

चातुर्मास से पहले शादी के सिर्फ 2 शुभ मुहूर्त बाकी, फिर 20 नवंबर तक शहनाइयों पर ब्रेक (AI Generated Image)

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संवाद सूत्र, दिघवारा (सारण)। जुलाई माह में विवाह के लिए अब केवल दो शुभ मुहूर्त शेष बचे हैं। 11 और 12 जुलाई को इस वर्ष चातुर्मास शुरू होने से पहले अंतिम बार शहनाई बजेगी।
इसके बाद 25 जुलाई से चातुर्मास आरंभ हो जाएगा, जिसके चलते विवाह, गृह प्रवेश समेत अन्य मांगलिक कार्यों पर लगभग चार माह तक विराम लग जाएगा। श्रद्धालुओं और विवाह की तैयारी कर रहे परिवारों को अब शुभ कार्यों के लिए 20 नवंबर तक इंतजार करना होगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार देवशयनी एकादशी के बाद भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चातुर्मास के दौरान विवाह और अन्य मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता।
इसी कारण इस अवधि में वैवाहिक कार्यक्रमों पर रोक रहती है। देवोत्थान एकादशी के साथ 20 नवंबर से पुनः मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी और इस वर्ष 12 दिसंबर तक विवाह के कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे।
जुलाई माह के अंतिम विवाह मुहूर्तों में 11 जुलाई को देर रात 12:05 बजे से 12 जुलाई की सुबह 5:32 बजे तक तथा 12 जुलाई को सुबह 6:13 बजे से रात 10:29 बजे तक विवाह संपन्न किए जा सकेंगे।
इधर, 15 जुलाई से आषाढ़ गुप्त नवरात्र का भी शुभारंभ होगा। इसके साथ ही प्रसिद्ध मां अंबिका मंदिर, आमी में धार्मिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी। दूर-दराज से आने वाले साधक और श्रद्धालु नौ दिनों तक मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना करेंगे।
इस दौरान जप, तप, साधना, हवन, दुर्गा सप्तशती पाठ और व्रत का विशेष महत्व रहेगा। मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे तथा श्रद्धालु सुख, शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।
मां अंबिका मंदिर, आमी के आचार्य पंडित जितेंद्र तिवारी उर्फ भीखम बाबा ने बताया कि गुप्त नवरात्र साधना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष महत्व रखता है।
वहीं, नवंबर और दिसंबर में विवाह के लिए 20, 21, 24, 25, 26, 30 नवंबर तथा 1 से 6 दिसंबर के अलावा 9, 10, 11 और 12 दिसंबर को शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे।