सरकारी फाइलों में 'मृत' हुए सारण के चंद्रिका प्रसाद, जिंदा होने का सबूत लेकर काट रहे दफ्तरों के चक्कर
सारण के बनियापुर स्थित खाखी मठिया गांव के 65 वर्षीय चंद्रिका प्रसाद को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है, जिससे उनकी वृद्धावस्था पेंशन रुक ग ...और पढ़ें

एआई तस्वीर
HighLights
चंद्रिका प्रसाद को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित किया गया।
उनकी वृद्धावस्था पेंशन रुक गई, परिवार आर्थिक संकट में।
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और पेंशन बहाली की मांग की।
संवाद सूत्र, बनियापुर (सारण)। प्रखंड क्षेत्र के खाखी मठिया गांव में सरकारी व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। गांव के 65 वर्षीय चंद्रिका प्रसाद को रिकॉर्ड में मृत दर्शा दिए जाने के कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई है। हैरानी की बात यह है कि वे जीवित हैं और अपनी पेंशन बहाल कराने के लिए लगातार कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार चंद्रिका प्रसाद को वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत शुरुआती तीन किस्तों की राशि मिली थी, लेकिन दिसंबर के बाद भुगतान अचानक रोक दिया गया। जब उन्होंने कारण जानना चाहा तो संबंधित अधिकारियों ने बताया कि सरकारी अभिलेख में उनकी मृत्यु दर्ज है, इसलिए पेंशन स्वचालित रूप से बंद हो गई।
दोबारा चालू कराने के नाम पर पैसे लिए
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रखंड कार्यालय और संबंधित विभाग में आवेदन देकर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया, पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि कुछ बिचौलियों ने पेंशन दोबारा चालू कराने के नाम पर उनसे पैसे भी लिए, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
चंद्रिका प्रसाद का कहना है कि परिवार की आर्थिक हालत बेहद कमजोर है और वृद्धावस्था पेंशन ही उनके जीवनयापन का मुख्य सहारा थी। पेंशन बंद होने से घर की स्थिति और दयनीय हो गई है।
ग्रामीणों ने भी इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि यदि जीवित व्यक्ति को रिकॉर्ड में मृत दिखाया जा रहा है, तो यह व्यवस्था की गंभीर खामी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मियों पर कार्रवाई तथा शीघ्र पेंशन बहाली की मांग की है।