मढ़ौरा या तरैया? सारण में नई चीनी मिल के प्रस्ताव पर घमासान, विधायक ने दी आंदोलन की चेतावनी
गन्ना उद्योग विभाग द्वारा तरैया अंचल में नई चीनी मिल के लिए भूमि प्रस्ताव मांगे जाने से सारण में नई उम्मीद जगी है। ...और पढ़ें

सारण में चीनी मिल
HighLights
गन्ना विभाग ने तरैया में नई चीनी मिल के लिए भूमि मांगी।
मढ़ौरा विधायक ने तरैया को प्राथमिकता देने का कड़ा विरोध किया।
मढ़ौरा में चीनी मिल हेतु आंदोलन की चेतावनी दी गई।
जागरण टीम, तरैया/मढ़ौरा (सारण)। मढ़ौरा चीनी मिल के पुनर्जीवन की वर्षों पुरानी मांग के बीच गन्ना उद्योग विभाग द्वारा तरैया अंचल में नई चीनी मिल की स्थापना के लिए भूमि संबंधी प्रस्ताव मांगे जाने से क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है। इस पहल के बाद मढ़ौरा चीनी मिल संघर्ष समिति के संयोजक एवं राजद नेता शैलेंद्र प्रताप सिंह को लोगों ने बधाई दी है।
बताया गया कि उन्होंने इस मुद्दे को लगातार सरकार के समक्ष उठाया था। हाल ही में मढ़ौरा विधायक एवं पूर्व मंत्री जितेंद्र कुमार राय के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था, जिसके बाद सकारात्मक पहल की बात सामने आई।
तरैया को प्राथमिकता दिए जाने का विरोध
इधर, मढ़ौरा विधायक जितेंद्र कुमार राय ने मढ़ौरा की बजाय तरैया को प्राथमिकता दिए जाने की खबर पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि मढ़ौरा की ऐतिहासिक चीनी मिल केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि हजारों किसानों, मजदूरों और युवाओं की आजीविका का आधार रही है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मढ़ौरा चीनी मिल को चालू कराने का आश्वासन दिया था।
विधायक ने कहा कि मढ़ौरा में गन्ना उत्पादन के लिए पर्याप्त भूमि, किसान और आधारभूत संरचना पहले से मौजूद है। ऐसे में यदि नई चीनी मिल स्थापित करनी है या उद्योग को पुनर्जीवित करना है तो मढ़ौरा सबसे उपयुक्त स्थान है। उन्होंने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि मढ़ौरा की उपेक्षा की गई तो क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगी।