यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Saran School Van Fire: बनियापुर में स्कूल वैन बनी आग का गोला, आधा दर्जन बच्चे झुलसे, 2 की हालत गंभीर
शुक्रवार दोपहर सारण जिले के बनियापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएच 331 पर दाढ़ीबाढ़ी गांव के पास एक निजी स्कूल की वैन में आग लग गई और इस घटना में करीब ...और पढ़ें

HighLights
- कोल्हुवा गांव स्थित निजी विद्यालय के स्कूल वैन में लगी आग
- डीएम की आदेश को धत्ता बताते हुए निजी विद्यालयों का हो रहा संचालन
संवाद सूत्र, बनियापुर (सारण)। School Van Fire News: सारण जिला के बनियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच 331 पर दाढ़ीबाढ़ी गांव के नजदीक एक निजी विद्यालय के स्कूल वैन में शुक्रवार की दोपहर में अचानक आग लग जाने से करीब आधा दर्जन बच्चे झुलस गए।
सभी बच्चों को जख्मी हालत में बनियापुर रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से दो बच्चों को गंभीर हालत में छपरा सदर अस्पताल भेजा गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बनियापुर थाना क्षेत्र के कोल्हुवा गांव स्थित एक निजी विद्यालय का स्कूल वैन दोपहर करीब एक बजे बच्चों को लेकर घर लौट रहा था।
आनन फानन में बच्चों को वैन से बाहर निकाला गया
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक डाढ़ीबाढ़ी गांव के पास स्कूल वैन में अचानक आग लग गई, जिससे उसमें सवार करीब आधा दर्जन बच्चे आग की चपेट में आ गये।
आनन फानन में स्थानीय लोगों के सहयोग से बच्चों को स्कूल वैन से बाहर निकल गया और आधा दर्जन जख्मी बच्चों को बनियापुर रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से दो बच्चों को छपरा भेजा गया है।
जिलाधिकारी ने एक दिन पहले दिया था यह संदेश
बताया जाता है कि जिलाधिकारी अमन समीर ने एक दिन पहले ही आदेश दिया है कि भीषण गर्मी के कारण सभी विद्यालयो का संचालन सुबह 11.30 बजे तक ही किया जाएगा। इसके बाद भी निजी विद्यालय के प्रबंधक अपनी मनमानी कर रहे हैं और बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों की तत्परता से नहीं हुई बड़ी दुर्घटना
इसी का परिणाम हुआ है कि दोपहर में स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को लेकर लौट रही वैन में भीषण गर्मी के कारण अचानक आग लग गई।
अगर जिलाधिकारी का आदेश को मानकर 11:30 बजे तक विद्यालयों की छुट्टी कर दी जाती तो शायद ऐसी घटना नहीं घटती। वहीं स्थानीय लोगों ने अगर तत्परता नहीं दिखाई होती तो बड़ी घटना घट सकती थी।
ये भी पढ़ें-
धधक रहा बिहार: कहीं हजार झोपड़ियां जलकर राख, तो कहीं धू-धू कर जल रहे पेड़; चारों ओर त्राहिमाम