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    4200 एकड़, 1302 करोड़ और लाखों नौकरियां; सोनपुर के डबल डेकर एयरपोर्ट से बदलेगा बिहार का हवाई नक्शा

    Updated: Sun, 22 Feb 2026 08:56 PM (IST)

    सारण जिले के सोनपुर में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा डबल डेकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने जा रहा है। राज्य सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है और भूमि अधिग्रह ...और पढ़ें

    परियोजना की जानकारी देते सांसद राजीव प्रताप रूडी। सौ-एक्‍स

    परियोजना की जानकारी देते सांसद राजीव प्रताप रूडी। सौ-एक्‍स

    जय शंकर प्रसाद, सोनपुर (सारण)। सारण जिले के सोनपुर को ऐतिहासिक सौगात मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने यहां दक्षिण एशिया के सबसे बड़े डबल डेकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण को मंजूरी दे दी है। भूमि अधिग्रहण के लिए 1302 करोड़ रुपये की राशि जारी होते ही क्षेत्र में उत्साह की लहर दौड़ गई है।

    इस फैसले के बाद शनिवार को पटना पहुंचे सांसद राजीव प्रताप रूड़ी का भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद ने इसे सारण ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए मील का पत्थर बताया।

    उत्तर बिहार से लेकर नेपाल-भूटान तक को मिलेगा लाभ

    सांसद रूड़ी ने बताया कि 4200 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट केवल सारण जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर बिहार, नेपाल, भूटान, बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के लिए एक बड़ा हवाई केंद्र बनेगा।

    यह एयरपोर्ट पटना से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर हाजीपुर–डुमरिया के बीच दरियापुर चंवर क्षेत्र में प्रस्तावित है। डबल डेकर संरचना वाला यह एयरपोर्ट 5 किलोमीटर लंबा और 2.5 किलोमीटर चौड़ा होगा।

    यहां दुनिया के सबसे बड़े यात्री विमानों में शामिल एयरबस A-380 और बड़े मालवाहक विमान भी उतर सकेंगे। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और तीन से चार महीने में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। लक्ष्य है कि यह परियोजना अगले लोकसभा चुनाव से पहले पूरी कर ली जाए।

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    केंद्र–राज्य के सहयोग का परिणाम

    सांसद ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताते हुए कहा कि यह संकेत है कि बिहार अब बड़े और दूरगामी विकास कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

    रोजगार, निवेश और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

    एयरपोर्ट के निर्माण और संचालन से हजारों रोजगार सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम मिलेगा, जिससे पलायन में कमी आएगी।

    एयरपोर्ट के आसपास होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, कोल्ड स्टोरेज और छोटे उद्योगों का तेजी से विकास होगा। जमीन की कीमतें बढ़ेंगी और निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

    पर्यटन के लिए भी वरदान

    इस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से छपरा, सोनपुर मेला, गंगा–गंडक संगम, वैशाली और आसपास के ऐतिहासिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आसानी से सुलभ होंगे। किसानों को अपनी उपज देश-विदेश तक भेजने का अवसर मिलेगा और व्यापारियों को नए बाजार मिलेंगे।