100 फीट ऊंचा सारण के तरैया का श्रीराम जानकी ठाकुरबाड़ी शिव मंदिर; आस्था, इतिहास और भव्यता का संगम
तरैया बाजार स्थित श्रीराम जानकी ठाकुरबाड़ी शिव मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना और 100 फीट ऊंचा है, जो लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर अपनी ...और पढ़ें
HighLights
तरैया का श्रीराम जानकी ठाकुरबाड़ी शिव मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना।
100 फीट ऊंचा, भव्य वास्तुकला, लाखों श्रद्धालुओं की आस्था।
श्रावण मास, महाशिवरात्रि पर विशेष भीड़, कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं।
संवाद सहयोगी, तरैया। तरैया बाजार स्थित श्रीराम जानकी ठाकुरबाड़ी शिव मंदिर न केवल क्षेत्र का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और विश्वास का केंद्र भी है।
लगभग 100 फीट ऊंचा यह भव्य मंदिर अपनी आकर्षक वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। पहली और दूसरी मंजिल पर संगमरमर के पत्थरों की आकर्षक नक्काशी मंदिर की भव्यता को और बढ़ा रही है।
सैकड़ों वर्ष पुराना है मंदिर
श्रीराम जानकी ठाकुरबाड़ी शिव मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना माना जाता है। वर्षों से यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है।
मंदिर को आधुनिक और भव्य स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मंदिर के निचले तल से लेकर ऊपरी मंजिल तक विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद मंदिर का दिव्य और दर्शनीय स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।
कई देवी-देवताओं की भव्य प्रतिमा
मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण की अष्टधातु की प्रतिमाओं के साथ शिवलिंग, हनुमान जी, शनिदेव एवं अन्य देवी-देवताओं की वर्षों पुरानी प्रतिमाएं स्थापित हैं।
इन प्रतिमाओं के दर्शन के लिए आसपास के गांवों के अलावा बिहार के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं।
श्रावण मास में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। विशेषकर प्रत्येक सोमवारी को मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहता है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहती हैं। भक्त घंटों इंतजार कर विधि-विधान से जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना करते हैं।
मंदिर के बारे में क्या कहते हैं लोग
यह मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। सावन, महाशिवरात्रि और नवरात्र जैसे पर्वों पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। दूर-दूर से आने वाले भक्त पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान शिव एवं मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं।
गणेश तिवारी, पुजारी
मंदिर के लिए पूर्वजों ने श्रद्धाभाव से भूमि दान की थी। आज उसी का परिणाम है कि यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक पहचान बन चुका है। मंदिर का भव्य निर्माण पूरा होने के बाद इसकी ख्याति और बढ़ेगी तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी वृद्धि होगी। उनका कहना है कि भगवान शिव की कृपा से यह मंदिर सदैव क्षेत्रवासियों की आस्था और विश्वास का केंद्र बना रहेगा।
मुन्ना सिंह, तरैया