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    ऑपरेशन मुस्कान’: उत्तर बिहार में 2955 मोबाइल बरामद, समस्तीपुर में रिकॉर्ड सफलता, 4.67 करोड़ के फोन लौटे

    By Neeraj Kumar Edited By: Ajit kumar
    Updated: Mon, 23 Feb 2026 02:24 PM (IST)

    Operation Muskan Bihar:'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत समस्तीपुर जिला सबसे आगे रहा। शिवहर में भी 67 मोबाइल लौटाए गए। CEIR और IMEI ट्रैकिंग की मदद से पुलिस ने ...और पढ़ें

    CEIR Mobile Tracking: मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौटा रही पुलिस। फाइल फोटो

    CEIR Mobile Tracking: मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौटा रही पुलिस। फाइल फोटो  

    HighLights

    1. तीन वर्षों में 2955 गुम/चोरी मोबाइल बरामद।

    2. कुल 4.67 करोड़ रुपये के फोन लौटाए गए।

    3. समस्तीपुर जिला मोबाइल बरामदगी में सबसे आगे।

    नीरज, शिवहर। Mobile Recovery Police: उत्तर बिहार में पुलिस की तकनीकी सर्विलांस टीम ने बीते तीन वर्षों में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए 2955 गुम, चोरी और लूटे गए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को लौटाए हैं।

    इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 4 करोड़ 67 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। इस अभियान में समस्तीपुर जिला सबसे आगे रहा है, जहां रिकॉर्ड स्तर पर बरामदगी दर्ज की गई।

    ‘ऑपरेशन मुस्कान’ से लौटाई गई मुस्कान

    शिवहर जिले में ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत पुलिस ने तीन वर्षों में 67 लोगों के मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें सौंपे, जिनकी कीमत करीब 41 लाख रुपये आंकी गई। वर्ष 2020 में पिपराही निवासी मो. आलम का महंगा मोबाइल गुम हो गया था।

    प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद वे दुबई चले गए। करीब दो साल बाद छुट्टी में लौटने पर पुलिस ने उनसे संपर्क कर मोबाइल सौंपा। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग के पूर्व उपनिदेशक डॉ. मेहंदी हसन सहित अन्य पीड़ितों के मोबाइल भी लौटाए गए।

    जिलावार आंकड़े: समस्तीपुर सबसे आगे

    समस्तीपुर: बीते दो वर्षों में करीब 2500 मामले दर्ज हुए, जिनमें 1617 मोबाइल बरामद किए गए; अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये।

    सीतामढ़ी: 48 मामलों में 32 मोबाइल बरामद; कीमत लगभग 6 लाख रुपये।

    मधुबनी: 468 मामलों में 242 मोबाइल बरामद; कीमत करीब 18 लाख रुपये।

    मुजफ्फरपुर: 632 से अधिक मोबाइल बरामद; कीमत लगभग 50 लाख रुपये।

    पश्चिम चंपारण: 365 मोबाइल बरामद; कीमत करीब 52 लाख रुपये।

    CEIR और टेक्निकल सर्विलांस की मदद

    ‘ऑपरेशन मुस्कान’ की शुरुआत 2015 में लापता बच्चों की बरामदगी के उद्देश्य से हुई थी। 2021–22 से बिहार पुलिस ने इसे खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए भी लागू किया। शिवहर में यह अभियान 2019 से सक्रिय है।
    मोबाइल की IMEI ट्रैकिंग, कॉल डिटेल्स और लोकेशन के आधार पर पुलिस फोन ट्रेस करती है। इसमें केंद्र सरकार के CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) प्लेटफॉर्म की मदद ली जाती है, जो खोए या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक और ट्रैक करता है।

    अपराधियों की तरह मोबाइल भी ट्रैक

    पुलिस की टेक्निकल सर्विलांस टीम मोबाइल फोन को उसी तरह ट्रेस करती है, जैसे अपराधियों को कॉल डिटेल्स और लोकेशन के आधार पर खोजा जाता है। एक मोबाइल की बरामदगी में कई सप्ताह लग सकते हैं, जिसमें मोबाइल नंबर, IMEI और हैंडसेट मॉडल अहम भूमिका निभाते हैं।

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    शिवहर के एसपी शुभांक मिश्रा के अनुसार, ‘ऑपरेशन मुस्कान’ का उद्देश्य न केवल गुम हुए मोबाइल लौटाना है, बल्कि लोगों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखना और पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करना भी है।