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बिहार के शिवहर कागज में खड़ा हो गया 10 लाख का भवन, मौके पर खाली मिली जमीन

By Neeraj kumarEdited By: Dharmendra Singh
Published: Tue, 22 Sep 2026 03:02 PM (IST)

शिवहर जिले के डुमरी कटसरी प्रखंड में करीब 10 लाख रुपये की लागत से बनने वाला सामुदायिक भवन सरकारी कागजों में तो बन गया, लेकिन मौके पर जमीन खाली मिली।

सामुदायिक भवन की खाली जमीन, यहीं होना था निर्माण। जागरण

सामुदायिक भवन की खाली जमीन, यहीं होना था निर्माण। जागरण

HighLights

  1. शिवहर में 10 लाख का सामुदायिक भवन गायब।

  2. बीडीओ जांच में भवन निर्माण के नाम पर गबन।

  3. दान की जमीन पर भवन नहीं, राशि का दुरुपयोग।

नीरज, शिवहर। सड़क, पुल, अस्पताल गायब होने बाद अब सामुदायिक भवन की खोज हो रही। यह गायब है। सरकारी रिकार्ड में जहां बना था, वहां जमीन तो है, भवन नहीं।

मामला शिवहर जिले के डुमरी कटसरी प्रखंड के उमेद छपरा गांव का है। करीब 10 लाख रुपये की लागत से बना सामुदायिक भवन ही गायब हो गया है।

सरकारी फाइल में राशि की निकासी हो गई है, लेकिन जमीन खाली है। जिलाधिकारी के जनता दरबार में की गई शिकायत पर खोजबीन हुई।

डुमरी कटसरी बीडीओ ने जांच की तो भवन निर्माण के नाम पर गबन की पुष्टि हुई। हालांकि, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण के अभियंता ने अपनी रिपोर्ट में भवन निर्माण की बात कही है, लेकिन सवाल-बना कहां है?

दानदाता की कुल जमीन में दान की सात डिसमिल का पता नहीं

डुमरी कटसरी प्रखंड की श्यामपुर पंचायत के उमेद छपरा गांव में 24 जून, 2016 को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए ग्रामीण मनोज कुमार पांडेय ने राज्यपाल के नाम सात डिसमिल जमीन दान की थी।

जिला योजना कार्यालय ने हालांकि दान की जमीन पर कोई भवन नहीं बनाया। 15 मई, 2026 को कुंदन कुमार सहित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में आवेदन दिया।

बताया कि भूमिदाता मनोज कुमार पांडेय दान की जमीन का आवास के रूप में उपयोग कर रहे हैं। इसपर डुमरी कटसरी बीडीओ अरुण कुमार सिंह ने कई स्तर पर जांच की।

पाया कि जिला योजना कार्यालय ने पत्रांक 100 के तहत 25 फरवरी, 2016 को स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन को दान की सात डिसमिल भूमि (खाता नंबर 152 व खेसरा नंबर 733) पर नौ लाख, 96 हजार, 500 रुपये की लागत से सामुदायिक भवन के निर्माण की स्वीकृति दी थी।

स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन को मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत निर्माण की जिम्मेदारी मिली। डुमरी कटसरी बीडीओ ने दोनों विभाग से जानकारी मांगी तो योजना कार्यालय ने निर्माण की स्वीकृति देने और स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन ने भवन का निर्माण कराए जाने की जानकारी दी।

बीडीओ ने दान की भूमि की चौहद्दी की जांच की। अमीन से कई स्तरों पर मापी कराई और ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त की। इसमें पाया कि दान की जमीन पर कोई भवन नहीं बना है।

बीडीओ ने जिलाधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि दानकर्ता की कुल एक एकड़, 14 डिसमिल जमीन में सामुदायिक भवन की सात डिसमिल जमीन कहां हैं, पता नहीं चल पा रहा। उन्होंने जिलाधिकारी से स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन व जिला योजना कार्यालय से इसकी जांच कराने की बात कही है। बीडीओ के अनुसार, उन्होंने जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

भवन बना तो स्पष्ट करे विभाग

आवेदक कुंदन कुमार ने बताया कि दानकर्ता द्वारा दान की गई जमीन पर अपना मकान बना लिया गया। उन्होंने 18 सितंबर को एक बार फिर जनता दरबार में जिलाधिकारी को आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

कुंदन का कहना है कि सीओ की जांच रिपोर्ट में दान की भूमि पर सामुदायिक भवन नहीं बनने की बात कही गई है। स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के अनुसार, भवन का निर्माण हुआ है तो विभाग यह स्पष्ट करे कि वह कहां बना है। अगर नहीं बना तो यह नौ लाख 96 हजार 500 रुपये कहां गए?