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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Sheikhpura News: बरबीघा पार्क में होगा मत्स्य पालन, विभाग ने निकाली बंदोबस्ती की सूचना

    By Arun SathiEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Thu, 14 Dec 2023 05:22 PM (IST)

    शेखपुरा के बरबीघा पार्क में मत्स्य पालन किया जाएगा। जी हां यह चौकाने वाली खबर जरूर है परंतु यह सही है। मत्स्य पालन करने के लिए जिला मत्स्य पदाधिकारी क ...और पढ़ें

    बरबीघा पार्क में होगा मत्स्य पालन, विभाग ने निकाली बंदोबस्ती की सूचना
    बरबीघा पार्क में होगा मत्स्य पालन, विभाग ने निकाली बंदोबस्ती की सूचना

    अरुण साथी, शेखपुरा। अंधेर नगरी को आप चरितार्थ होता हुआ देखना चाहते हैं तो इसकी बानगी यह समाचार है। शेखपुरा जिला के बरबीघा नगर के पार्क में अब मत्स्य पालन किया जाएगा। मत्स्य पालन करने के लिए जिला मत्स्य पदाधिकारी के द्वारा बंदोबस्ती की सूचना निकाली गई है। जिसमें इस पार्क का भी नाम शामिल है। जी हां, यह चौकाने वाली खबर जरूर है परंतु यह सही है।

    दरअसल, मामला बरबीघा नगर परिषद के गोपालबाद स्टैंड के पास के पार्क से जुड़ा हुआ है। 2013 से पहले यह पार्क एक तालाब हुआ करता था। 30 फीट गहरे इस तालाब में दो दशक पहले मत्स्य पालन भी किया जाता था। हिंद पोखर के नाम से प्रसिद्ध इस तालाब में बीच-बीच एक बिजली का पूरा खंभा गाड़ा हुआ था। बरसात के दिनों में तालाब में पानी भरने से खंभा डूब जाता था।

    बरबीघा नगर के पुरानीशहर मोहल्ले के घरों का पानी भी इसी तालाब में जमा होता था। भूजल स्तर के व्यवस्थित होने में भी यह उपयोगी था। वहीं 2013 में इस तालाब को भरकर जिला विकास अभिकरण विभाग के द्वारा पार्क बना दिया गया। अब इस पार्क को वन विभाग के द्वारा और भी सुसज्जित कर दिया गया है।

    कितनी राशि से हुआ था तालाब में पार्क का निर्माण

    2013 में तत्कालीन जदयू के विधायक गजानंद शाही की अनुशंसा पर जिला विकास अभिकरण के द्वारा 44 लाख रुपए की राशि से तालाब में मिट्टी भरकर पार्क बनाया गया था। वहीं, वर्तमान में नगर के पार्क को वन विभाग के हवाले कर दिया गया है। बताया गया कि एक करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से पार्क का पुनः जीर्णोद्धार किया गया। हालांकि, इसमें पैसे का बंदरवाट का भी पूरा मामला सामने आया।

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    स्थानीय लोगों ने बताया कि काम अधूरा छोड़कर ही ठेकेदार भाग गया। इसमें अधिकारी की मिलीभगत की सामने आई है। इसको लेकर उस समय के नगर सभापति रोशन कुमार कहते हैं कि पार्क बनाने लिए नगर परिषद से कोई अनापत्ति भी नहीं ली गई थी। उन्होंने इसका विरोध ही किया था परंतु नजर अंदाज करके पार्क बनाया गया।

    मत्स्य विभाग ने निकाली बंदोबस्ती की सूचना

    हिंद तालाब मत्स्य विभाग में एक मत्स्य जलकर के रूप में सूचीबद्ध है। इसी से इसमें मत्स्य पालन को लेकर बंदोबस्ती की सूचना निकाली जाती है। शेखपुरा जिला मत्स्य पदाधिकारी सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी सूची में नारायणपुर डाक बंगला रैंक 97 डिसमिल हिंद पोखर है, इसलिए इसमें बंदोबस्त की सूचना निकल जाती है। विभाग से किसी तरह की अनापत्ति पार्क बनाने के लिए नहीं ली गई है, इसलिए ऐसा होता है।

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