बिहार में पेपरलेस रजिस्ट्री का पहला दिन बेअसर, शेखपुरा में नहीं हुई एक भी रजिस्ट्री; वसीका नबीसों का विरोध
शेखपुरा में 3 अगस्त से लागू हुई पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के पहले दिन एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई, जिससे खरीदारों और वसीका नबीसों में असमंजस की स्थिति ब ...और पढ़ें

पहले दिन नहीं हुई एक भी रजिस्ट्री
HighLights
शेखपुरा में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था 3 अगस्त से लागू।
पहले दिन एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई, असमंजस की स्थिति।
मुंशियों और स्टांप वेंडरों को रोजगार का संकट।
जागरण संवाददाता, शेखपुरा। सरकार के निर्णय के अनुसार सोमवार 3 अगस्त से शेखपुरा निबंधन कार्यालय में पेपरलेस रजिस्ट्री की नई व्यवस्था लागू हो गई। नई व्यवस्था के तहत अब जमीन और मकान की खरीद-बिक्री की रजिस्ट्री स्टांप पेपर पर नहीं होगी।
कार्यालय के कंप्यूटर में सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर खरीद-बिक्री से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी और स्टांप पेपर की राशि चालान के माध्यम से सरकार के खाते में जमा होगी।
पहले दिन नहीं हुई एक भी रजिस्ट्री
रजिस्ट्री पूरी होने के बाद खरीदार को 13 पृष्ठों के निर्धारित प्रपत्र में सादे कागज पर दस्तावेज उपलब्ध कराया जाएगा।
नई व्यवस्था को लेकर वसीका नबीसों के साथ आम खरीदार और विक्रेताओं में भी असमंजस की स्थिति बनी रही। इसका असर पहले ही दिन देखने को मिला और सोमवार को एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
रोज 40 से 42 रजिस्ट्री, पहले दिन सन्नाटा
पहले की व्यवस्था में शेखपुरा निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 40 से 42 रजिस्ट्री होती थी। सोमवार को लोग नई व्यवस्था की जानकारी लेने कार्यालय पहुंचते रहे, लेकिन दोपहर तक भी पूरे परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। लोगों की सुविधा के लिए कार्यालय में अलग से हेल्प डेस्क बनाया गया है।
मुंशी और स्टांप वेंडरों में बढ़ी चिंता
पेपरलेस रजिस्ट्री की नई व्यवस्था से रजिस्ट्री कचहरी में काम करने वाले मुंशियों और स्टांप वेंडरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होने की आशंका है।
इसे लेकर सोमवार को संघ के सदस्यों ने बैठक कर अपनी चिंता जताई और सरकार से पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की।
सैकड़ों परिवारों पर असर का दावा
संघ के अध्यक्ष नंद किशोर यादव और सचिव ब्रह्मदेव कुशवाह ने कहा कि नई व्यवस्था से सैकड़ों परिवारों के सामने बेरोजगारी का खतरा पैदा हो गया है।
उनका कहना है कि शेखपुरा में ब्रिटिश काल से रजिस्ट्री कचहरी संचालित है और कई मुंशी ऐसे हैं जिनके पूर्वज भी इसी काम से जुड़े रहे हैं।
विभाग ने बताया सुविधा और पारदर्शिता का कदम
जिला अवर निबंधक नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार ने सुविधा और पारदर्शिता के उद्देश्य से पेपरलेस रजिस्ट्री की नई व्यवस्था लागू की है।
लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए हेल्प डेस्क बनाया गया है और मुंशियों के साथ आम लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार को रजिस्ट्री के लिए दो पक्षों ने अप्वाइंटमेंट लिया था।