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शेखपुरा में फिर खुलेंगे पहाड़ों से कमाई के रास्ते, 11 भूखंडों की बंदोबस्ती; 5 साल में सरकार को मिलेंगे ₹250 करोड़

Published: Thu, 03 Sep 2026 04:34 PM (IST)

शेखपुरा जिले में पहाड़ों से पत्थर उत्खनन के लिए बंदोबस्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें 11 भूखंडों के लिए ...और पढ़ें

27 की जगह अब 11 पहाड़ी भूखंडों की होगी बंदोबस्ती

27 की जगह अब 11 पहाड़ी भूखंडों की होगी बंदोबस्ती

HighLights

  1. शेखपुरा में पत्थर उत्खनन के लिए बंदोबस्ती प्रक्रिया शुरू।

  2. 11 पहाड़ी भूखंडों के लिए ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित।

  3. पांच साल में सरकार को 250 करोड़ राजस्व मिलेगा।

जागरण संवाददाता, शेखपुरा। शेखपुरा जिले में लंबे समय बाद पहाड़ों से पत्थर उत्खनन के लिए बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए सरकार के विशेष पोर्टल पर ऑनलाइन निविदा आमंत्रित की गई है। जिला खनिज विकास पदाधिकारी सचिन प्रकाश ने बताया कि बंदोबस्ती में भाग लेने वाले व्यक्ति या फर्म आठ सितंबर तक ऑनलाइन निविदा दाखिल कर सकते हैं। इस बार सरकार ने बंदोबस्ती की प्रक्रिया में कई नई शर्तें भी लागू की हैं।

27 की जगह अब 11 पहाड़ी भूखंडों की होगी बंदोबस्ती

इस बार जिले के विभिन्न मौजों में स्थित 11 पहाड़ी भूखंडों से पत्थर उत्खनन के लिए निविदा निकाली गई है। पहले जिले के 27 पहाड़ी भूखंडों पर पत्थर का खनन होता था।

सरकार ने इस बार पौराणिक और पर्यावरणीय महत्व वाले पहाड़ी भूखंडों की बंदोबस्ती पर रोक लगा दी है। इसी वजह से चांदी और चकंदरा के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में उत्खनन नहीं होगा।

सुदासपुर-मटोखर में सात, पचना में तीन भूखंड

नई बंदोबस्ती के तहत सुदासपुर और मटोखर मौजा में सात पहाड़ी भूखंड शामिल हैं। वहीं पचना मौजा में तीन और चांदी मौजा में एक भूखंड से पत्थर उत्खनन के लिए निविदा जारी की गई है।

फिलहाल जिले के सभी पहाड़ी भूखंडों से पत्थर खनन बंद है। पुरानी बंदोबस्ती की अवधि पूरी होने के बाद से ही उत्खनन का काम रुका हुआ है।

पांच साल में ढाई अरब राजस्व का अनुमान

नई बंदोबस्ती से सरकार को अगले पांच वर्षों में करीब ढाई अरब रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है। बंदोबस्ती में निर्धारित सुरक्षा राशि करोड़ों रुपये में होने के कारण बड़े उद्यमियों की दिलचस्पी बढ़ी है।

हरियाणा और कर्नाटक समेत दूसरे राज्यों के उद्यमी भी निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के लिए शेखपुरा पहुंच रहे हैं। अब सबकी नजर आठ सितंबर को समाप्त होने वाली ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया पर है।