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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Flood: बिहार में तांडव कर रहीं कोसी-गंडव और बागमती नदियां, सीतामढ़ी में टूटा 20 साल पुराना रिकॉर्ड

    Updated: Tue, 01 Oct 2024 03:03 PM (IST)

    बिहार में बाढ़ भारी तबाही मचा रहा है। सीतामढ़ी जिले के बेलसंड रुन्नीसैदपुर बैरगनिया में हाहाकार मचा है। बागमती नदी में आई बाढ़ से जिले के कई गांव जलमग ...और पढ़ें

    हजारों हेक्टेयर में लगी फसल जलमग्न, कई लाेगों समेत मवेशी भी लापता।
    हजारों हेक्टेयर में लगी फसल जलमग्न, कई लाेगों समेत मवेशी भी लापता।

    HighLights

    1. 2004 के बाद बाढ़ से हालात इतने भयावह, बेलसंड व रुन्नीसैदपुर में चारों तरफ हाहाकार
    2. बेलसंड के जीरो माइल में फंसे डीएम-एसपी, ट्रैक्टर से निकाला गया सुरक्षित
    3. घरों की छतों पर फंसे लोग, घर से निकल चुके लोग ऊंचे स्थानों पर ले रहे शरण

    जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। बागमती नदी में आई बाढ़ से सीतामढ़ी जिले के बेलसंड, रुन्नीसैदपुर, बैरगनिया में हाहाकार मचा है। हर तरफ सैलाब दिखाई पड़ रहा है। कहीं घुटने भर तो कहीं कमर भर तो कहीं कलेजे और सिर डूबने तक पानी का तेज बहाव हो रहा है। यह गांव-घर का आलम है। सरेह में तो हर तरफ पानी ही पानी दिखाई पड़ रहा है। ऐसी आफत 20 साल बाद लोग देख-सुन रहे हैं।

    कहा जा रहा है कि साल 2004 में जो हालात थे इस बार उससे भी अधिक भयावह स्थिति है। बेलसंड व रुन्नीसैदपुर में सर्वाधिक क्षति हुई है। बेलसंड में 100 फीट, रुन्नीसैदपुर में 10 फीट में बागमती का तटबंध टूटा है। तटबंधों के टूटने से 100 सेअधिक गांवों में पानी फैल गया है। बाढ़ के चलते करीब तीन लाख की आबादी, हजारों हेक्टेयर में फसल को क्षति हुई है।

    सड़कों से 4 फीट ऊपर बह रहा पानी

    बेलसंड में अस्पताल, अंचल व प्रखंड समेत तमाम सरकारी कार्यालयऔर सड़कों पर तीन से चार फीट पानी बह रहा है। बाढ़ का जायजा लेने गए सीतामढ़ी के डीएम रिची पाण्डेय व एसपी मनोज कुमार तिवारी समेत उनके साथ मौजूद तमाम प्रशासनिक पदाधिकारी पानी के बीच फंस गए थे। डीएम-एसपी को ट्रैक्टर पर बैठाकर सुरक्षित स्थान तक लाया गया। उनके वाहन बाढ़ के पानी में फंसे रहे।

    पानी के तबाव से तटबंध हुए तबाह

    कहा जा रहा है कि बेलसंड प्रखंड अंतर्गत मधकौल गांव के निकट बागमती का दाया तटबंध 35 मीटर की लंबाई में 1 बजकर 42 मिनट पर क्षतिग्रस्त हुआ। उसे दुरुस्त कराया जा रहा। उसके बाद रात करीब साढ़े आठ बजे बेलसंड के ही सौली गांव के पास बागमती नदी का बायां तटबंध टूट गया। वहां सुबह से ही पानी का रिसाव हो रहा था, जिसे रोकने का अथक प्रयास ग्रामीणों द्वारा किया गया; लेकिन अंततः बांध टूट गया।

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    बागमती के दाहिना तटबंध की बलुआ पंचायत के खरौउवा गांव के समीप फिर दायां तटबंध नौ बजे टूट गया। बांध टूटने से पानी तेजी से गांव में फैलने लगा। बेलसंड और परसौनी प्रखंड के पांच दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। एक ही दिन में कई जगहों से तटबंध टूट जाने से ग्रामीणाें में दहशत का माहौल पैदा हो गया। लाेग घर-बार छोड़कर ऊंचे स्थानों पर पलायन करने लगे। लोग लोग घरों में ही घिर गए थे वे छतों पर छुपकर रतजगा करते रहे।

    बेलसंड का सीतामढ़ी और शिवहर संपर्क भंग 

    बागमती का पानी सौली, रुपौली, ओलीपुर, कन्हौली गांव होते हुए बेलसंड एवं परसौनी में फैला। बेलसंड के भटौलिया, पताही, भोरहा, भंडारी, माछी होते हुए परसौनी के गिसारा, कठौल, सिरखौली, कन्हौली गजपति, खिरोधर, रमणी में सोमवार को तेज गति से पानी का बहाव हो रहा।

    बेलसंड अनुमंडल मुख्यालय का संपर्क सीतामढ़ी एवं शिवहर से दूसरे दिन भी भंग रहा। इस प्रखंड की जाफरपुर पंचायत अंतर्गत मधकौल, बसौल, ओलीपुर तथा जाफरपुर सर्वाधिक प्रभावित है। यहां लोग घरों की छतों और ऊंचे स्थानों पर फंसे हुए हैं।

    सड़कों पर कहीं दो फीट तो कहीं चार फीट पानी बह रहा है। पहले बाढ़ आने पर नौका इंतजाम हो भी जाता था, जिससे लोग उसके जरिये स्वयं और अपना सामान, माल-मवेशी सुरक्षित स्थानों तक ले जा पाते थे। मगर अब नौका गुजरे जमाने की बात हो गई है।

    रेस्क्यू के इंतजार में लोग

    एसडीआरएफ व एनडीआरएफ के भरोसे रेस्क्यू के इंतजार में लोग रहते हैं। अगर वे समय पर नहीं पहुंच पाए तो उन्हें बाहर निकलना मुश्किल होता है। सबसे अधिक परेशानी बेजबान पशुओं को है। कितने मवेशी रात में पानी बढ़ने से उसके बहाव में बह गए। प्रशासन की ओर से 900 से ज्यादा परिवारों को रेस्क्यू करके बाहर निकाल लिया गया है। फिलहाल हजारों लोगों के फंसे होने की संभावना है।

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