यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Jamin Jamabandi : अधिकारियों की इस एक गलती से लॉक हुई जमाबंदी, भू-स्वामियों में मची हायतौबा
जमाबंदी लॉक होने से परेशान भू-स्वामी अंचल कार्यालय और भूमि सुधार उपसमाहर्ता कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं। भू-स्वामियों को भू-सुधार उपसमाहर्ता ...और पढ़ें

HighLights
- भूमि सुधार उपसमाहर्ता के स्तर पर मामला अटका है मामला
- सप्ताह में तीन दिन ही दफ्तर पहुंचते हैं भूमि सुधार उपसमाहर्ता
संवाद सहयोगी, बेलसंड। जमाबंदी लॉक रहने से भू-स्वामी परेशान हैं। अंचल कार्यालय के साथ ही भूमि सुधार उपसमाहर्ता कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं। भू-स्वामियों को भूमि सुधार उपसमाहर्ता के स्तर पर मामला अटके होने की बात बताई जा रही है। दूसरी ओर भूमि सुधार उपसमाहर्ता के सप्ताह में मात्र तीन दिन ही अपने दफ्तर पहुंचने के कारण कार्य लंबित है।
बेलसंड अनुमंडल कार्यालय का चक्कर काट रहे भू-स्वामी रामकिशुन साह, रामस्वरूप सिंह और अनिल कुमार पांडेय ने जमाबंदी के लॉक रहने की बात कही जा रही है। सौ से अधिक भूस्वामियों की जमाबंदी कायम नहीं हो पा रही है।
न तो आधार सीडिंग हो रही न ही जमाबंदी में सुधार
भूस्वामियों ने बताया कि डीसीएलआर के स्टेनो अभय कुमार का कहना है कि यह लॉक राजधानी पटना से लगा है। भूस्वामियों का कहना है कि उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। जमाबंदी लॉक होने से न तो आधार सीडिंग हो पा रही है और न ही जमाबंदी में सुधार हो पा रहा है। यह मामला काफी पुराना है।
2018 में शुरू हुआ था जमाबंदी का डिजिटलाइजेशन
सरकार ने जमाबंदी को डिजिटलाइज करने का काम वर्ष 2018 में शुरू किया। प्रथम चरण में टेक्नीशीयन्स ने जमाबंदी को डिजिटलाइज किया।
इस एक गलती से लॉक हुई जमाबंदी
द्वितीय चरण में इसे अपलोड कर जमाबंदी की जांच मूल रजिस्टर से राजस्व कर्मचारी, आरओ और सीओ को करके सत्यापन के लिए डीसीएलआर के समक्ष उपस्थित करना था। जिन जमाबंदियों का सत्यापन डीसीएलआर के स्तर से नहीं हुआ, उन सभी जमाबंदियों को लॉक कर दिया गया।
क्या कहते हैं अधिकारी?
परसौनी सीओ ने बताया कि डीसीएलआर की व्यस्तता के कारण कुछ जमाबंदियों का सत्यापन नहीं हो पाया है। वहीं डीसीएलआर विरजु दास ने बताया कि पत्रांक 1137 के द्वारा इस संबंध में कुछ आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, जिसका अनुपालन अंचल कार्यालय द्वारा नहीं किया जा रहा है। जिससे जमाबंदी का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। वही परसौनी अंचल कार्यालय ने इस आशय के किसी पत्र के प्रति अनभिज्ञता जताई है।