बिटिया की शादी कहां करना सर्वोत्तम? जगतगुरु श्रीराम भद्राचार्य ने दिए महत्वपूर्ण संदेश
Janaki Navami Sitamarhi: पुनौराधाम में जगतगुरु श्रीराम भद्राचार्य ने राम कथा के दौरान कन्या विवाह पर महत्वपूर्ण संदेश दिया, जिसमें उन्होंने श्रेष्ठ सं ...और पढ़ें

पुनौराधाम में श्रीराम कथा वाचन करते जगतगुरु तुलसी पीठाधीश्वर श्रीराम भद्राचार्य जी महाराज। फोटो: जागरण

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संवाद सहयोगी, सीतामढ़ी। Shriram Bhadracharya Katha: पुनौराधाम में जानकी नवमी के अवसर पर आयोजित श्रीराम कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सीता प्रेक्षा गृह में चल रहे इस धार्मिक आयोजन में मिथिला राघव परिवार सेवा न्यास समिति द्वारा कथा का आयोजन किया जा रहा है।
मिथिला महिमा का वर्णन
कथा के पांचवें दिन जगतगुरु तुलसी पीठाधीश्वर श्रीराम भद्राचार्य जी महाराज ने मिथिला की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मिथिला में सीताराम के प्रति विशेष भक्ति और प्रेम का भाव देखने को मिलता है।
कन्या विवाह पर महत्वपूर्ण संदेश
अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि कन्या का विवाह हमेशा ऊंचे कुल में करना चाहिए। रघुकुल की परंपरा और मर्यादा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ संस्कार और आचरण वाले परिवार में विवाह से जीवन सुखमय होता है।
गीतों से भक्तिमय माहौल
कथा के दौरान भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। “राजे भी देखे, महाराजे भी देखे, कोई राजा नहीं देखा राम जैसा” और “आई अवध से बरातिया” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे।
मिथिला की परंपरा और आस्था
उन्होंने कहा कि मिथिला में मैथिल और मिथिलानी दोनों ही सीताराम नाम का संकीर्तन करते हैं। माता सीता और भगवान राम एक ही स्वरूप हैं और दोनों को अलग नहीं किया जा सकता।
श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन में कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।