Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सीएम की समृद्धि यात्रा के बीच जदयू में 'ऑपरेशन क्लीन', पूर्व पीपी विमल शुक्ला 6 साल के लिए निष्कासित

    By Awadh Bihari Upadhyay Edited By: Ajit kumar
    Updated: Wed, 28 Jan 2026 02:14 PM (IST)

    Bihar JDU action: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के बीच जदयू ने 'ऑपरेशन क्लीन' अभियान तेज किया है। इसी कड़ी में पार्टी के राज्य परिषद सदस्य ...और पढ़ें

    Bihar politics 2026: लगातार दल-विरोधी कार्य करने के आरोप में हुई कार्रवाई। फाइल फोटो

    Bihar politics 2026: लगातार दल-विरोधी कार्य करने के आरोप में हुई कार्रवाई। फाइल फोटो  

    संवाद सहयोगी, सीतामढ़ी। JD(U) operation clean: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने संगठन में अनुशासन सख्त करते हुए ‘ऑपरेशन क्लीन’ अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में पार्टी के राज्य परिषद सदस्य एवं पूर्व लोक अभियोजक विमल शुक्ला को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। 

    पार्टी के विरुद्ध गतिविधियां

    पार्टी नेतृत्व का कहना है कि विमल शुक्ला पार्टी की विचारधारा के विरुद्ध गतिविधियों में शामिल पाए गए थे और लगातार दल-विरोधी कार्य कर रहे थे। इसी आधार पर प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के निर्देश पर उनके खिलाफ यह सख्त कार्रवाई की गई है। इसकी पुष्टि जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह कुशवाहा ने की है।

    चर्चाओं का दौर तेज

    गौरतलब है कि एक सप्ताह पूर्व ही विमल शुक्ला को लोक अभियोजक पद से भी हटा दिया गया था। इसके बाद अब पार्टी से निष्कासन की कार्रवाई सामने आई है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। 

    राजनीतिक साजिश बताया

    निष्कासन के बाद विमल शुक्ला ने कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम स्थानीय सांसद के इशारे पर उठाया गया है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन मॉडल से प्रभावित हैं, लेकिन कुछ लोग सरकार और संगठन की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।

    खबरें और भी

    इधर, जदयू नेतृत्व का मानना है कि समृद्धि यात्रा के दौरान पार्टी संगठन को मजबूत और अनुशासित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस कार्रवाई से जदयू ने स्पष्ट संदेश दिया है कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती तय है। आने वाले समय में पार्टी के भीतर और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।