सीतामढ़ी के दो स्कूलों में मिड डे मील जांच में बड़ी गड़बड़ी, प्रधानाध्यापकों से मांगा जवाब
सीतामढ़ी के सुरसंड प्रखंड के दो सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना की जांच में छात्र उपस्थिति और अभिलेखों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जिला क ...और पढ़ें

उपस्थिति पंजी में 445 छात्रों की मौजूदगी दर्ज थी, लेकिन 85 छात्र ही उपस्थित मिले। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। मध्याह्न भोजन योजना की जांच के दौरान सीतामढ़ी जिले के सुरसंड प्रखंड स्थित दो सरकारी विद्यालयों में छात्र उपस्थिति और अभिलेखों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं।
मामले को गंभीर मानते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना सह मध्याह्न भोजन योजना) मनीष कुमार सिंह ने संबंधित दोनों प्रधानाध्यापकों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है।
उपस्थिति और रिकॉर्ड में बड़ा अंतर
जिला समन्वयक द्वारा 27 मई को मध्य विद्यालय शंकरपुर का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि विद्यालय में 730 छात्र नामांकित हैं। उपस्थिति पंजी में 445 छात्रों की मौजूदगी दर्ज थी, लेकिन निरीक्षण के समय केवल 85 छात्र ही विद्यालय में उपस्थित मिले।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, पिछले छह दिनों की औसत उपस्थिति 416 दर्ज की गई थी। इसके अलावा छात्र उपस्थिति पंजी निरीक्षण के समय तक अद्यतन नहीं थी। खाद्यान्न के भौतिक भंडार और अभिलेखों में भी अंतर पाया गया, जिससे रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं।
करवन्ना कोरियाही विद्यालय में भी कई खामियां
मध्य विद्यालय करवन्ना कोरियाही के निरीक्षण में भी कई अनियमितताएं सामने आईं। यहां 476 नामांकित छात्रों के मुकाबले उपस्थिति पंजी में 254 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर केवल 125 छात्र मौजूद मिले।
जांच के दौरान पोषाहार पंजी 16 मई तक ही अद्यतन पाया गया। खाद्यान्न के शेष भंडार का विवरण भी अभिलेखों में दर्ज नहीं था। विद्यालय परिसर में शौचालयों की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। इसके अलावा व्यय विवरणी पर शिक्षकों के हस्ताक्षर को लेकर भी अधिकारियों ने सवाल उठाए हैं।
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24 घंटे में मांगा गया स्पष्टीकरण
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को छात्र उपस्थिति पंजी, पोषाहार पंजी, चखना पंजी, गुणवत्ता प्रमाण पत्र और छात्र लाभान्वित प्रमाण पत्र की स्व-अभिप्रमाणित प्रतियों के साथ 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में स्पष्टीकरण नहीं मिलने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना और छात्र उपस्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी अनियमितता सामने आ रही है, वहां जवाब-तलब के साथ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के हित से जुड़ी सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।