Bihar News : नेपाल सरकार के नए फैसला का विरोध , ‘रोटी-बेटी’ संबंधों पर असर डालने वाला 100 रुपये पर भी टैक्स
नेपाल सरकार के 100 रुपये तक के सामान पर कस्टम ड्यूटी अनिवार्य करने के फैसले से सीमावर्ती इलाकों में असंतोष है। मधेस के सांसदों ने इसे 'रोटी-बेटी' संबं ...और पढ़ें

सामान पर भी कस्टम ड्यूटी अनिवार्य करने को लेकर गृहमंत्री से मिलते सांसद।
HighLights
नेपाल में 100 रुपये के सामान पर कस्टम ड्यूटी अनिवार्य।
मधेस के सांसदों और युवाओं ने फैसले का विरोध किया।
डीआईजी ने सीमा पर आम लोगों को परेशान न करने को कहा।
संवाद सहयोगी, सोनबरसा (सीतामढ़ी) । नेपाल में सौ रुपये तक के सामान पर भी कस्टम ड्यूटी अनिवार्य करने के सरकारी फैसले ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।
मधेस क्षेत्र से चुने गए सत्ताधारी दल के कई सांसदों ने इस फैसले पर खुलकर असंतोष जताया है और सरकार से तत्काल इसपर पुनर्विचार की मांग की है।
सांसदों का कहना है कि इस कठोर प्रावधान का सबसे ज्यादा असर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम लोगों पर पड़ा है, जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारत से खुदरा सामान लाते हैं।
उनका कहना है कि तस्करी पर रोक जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर आम नागरिकों को परेशान करना उचित नहीं है। सिरहा-4 से सांसद तपेश्वर यादव ने गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मुलाकात कर सीमा पर सहूलियत देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत के बीच रोटी-बेटी का गहरा और ऐतिहासिक संबंध रहा है,ऐसे में इस तरह की सख्ती से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
वहीं, सिराहा-2 से सांसद शिव शंकर यादव ने भी सीमा क्षेत्र में लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठित तस्करी में कुछ जगहों पर प्रशासन की मिलीभगत है,जबकि आम नागरिकों को सख्ती का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से इस मामले में संतुलित और व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की। मधेस के अन्य सांसदों ने भी इस फैसले को लेकर पार्टी और सरकार के भीतर चर्चा तेज कर दी है।
उनका मानना है कि तस्करी, नशीले पदार्थों और अवैध गतिविधियों पर सख्ती जरूरी है, लेकिन घरेलू उपयोग के सामान पर कुछ राहत दी जानी चाहिए। इधर, इस फैसले के विरोध में मधेस के युवाओं ने काठमांडू के मैतीघर में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस प्रावधान को तत्काल वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि निर्णय नहीं बदला गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। सीमावर्ती इलाकों में इस मुद्दे को लेकर असंतोष लगातार बढ़ रहा है, जिससे सरकार पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है।
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भंसार पर बिचौलियों को सख्ती चेतावनी
सोनबरसा । नेपाल के मधेश क्षेत्र में सीमा चौकियों पर आम लोगों को हो रही परेशानियों के बीच डीआईजी गोविंदा थपलिया ने सख्त निर्देश जारी किया है।
उन्होंने सुरक्षा कर्मियों और भंसार (कस्टम) से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि घरेलू उपयोग का सामान लाने वाले आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
डीआईजी गोविंदा थपलिया ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि सीमा पर तैनात सुरक्षा तंत्र यह सुनिश्चित करें कि आम जनता को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
खासकर मधेश प्रांत के सीमावर्ती इलाकों में रहनेवाले लोग दैनिक जरूरतों के लिए सीमा पार करते हैं, ऐसे में उनके साथ सहुलियतपूर्ण व्यवहार जरूरी है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि भंसार पर बिचौलियों द्वारा किसी नागरिक को परेशान किया जाता है, तो तत्काल शिकायत दर्ज कराई जाए।
ऐसे मामलों में दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाएगा। इधर, सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ते असंतोष और महिलाओं व आम नागरिकों के साथ हो रही परेशानियों की खबरें आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है।
डीआईजी गोविंदा थपलिया ने नेपाली मीडिया से बातचीत में भरोसा दिलाया कि सीमा पर किसी भी नागरिक के साथ दुर्व्यवहार नहीं होने दिया जाएगा और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।