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    प्यार करके फंस गया... प्रेमिका से मिलने पहुंचे अपहरण के आरोपित को सीतामढ़ी पुलिस ने दबोचा

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 04:44 AM (IST)

    Love Affair Crime Bihar: सीतामढ़ी पुलिस ने अपहरण के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी मनीष कुमार को उसकी प्रेमिका से मिलने के दौरान गिर ...और पढ़ें

    इश्क का खुमार उतरते ही एक युवक की जिंदगी सलाखों के पीछे पहुंच गई। (AI Generated Image)

    इश्क का खुमार उतरते ही एक युवक की जिंदगी सलाखों के पीछे पहुंच गई। (AI Generated Image)

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    संवाद सूत्र, सीतामढ़ी। Sitamarhi Police Arrest: कच्ची उम्र में प्रेम की डगर जितनी सुहानी लगती है, इसकी हकीकत उतनी ही कड़वी और पथरीली होती है।

    अक्सर नवयुवक जोश में आकर प्रेम गली में प्रवेश तो कर जाते हैं, लेकिन जब इस प्रेम की अग्निपरीक्षा शुरू होती है, तो वे जिम्मेदारियों का सामना करने की जगह घर-बार छोड़कर भाग खड़े होते हैं। छिपते फिरते हैं और अंततः इस भूल से तौबा करने की गुहार लगाने लगते हैं।

    सबसे ज्यादा दर्द तब होता है जब अपनी इस नादानी की सजा वे अपने बेकसूर घरवालों को भुगतते देखते हैं; तब उनका कलेजा कांप उठता है।

    जोश के अतिरेक में कभी पूरी दुनिया से भिड़ जाने का किया गया वादा, वक्त के थपेड़ों के बीच पूरी तरह बेमानी और खोखला लगने लगता है।

    बिहार के सीतामढ़ी में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां इश्क का खुमार उतरते ही एक युवक की जिंदगी सलाखों के पीछे पहुंच गई।

    वादों की हकीकत और कानूनी शिकंजा

    जिस लड़की को अपना बनाने के लिए युवक ने अपने परिवार और समाज की परवाह नहीं की, वह तो आज अपने घर में सुरक्षित है।

    वहीं दूसरी ओर, प्यार के दावे करने वाला वह युवक 'वनवास' की जिंदगी जीने को मजबूर हो गया। यानी कानून की नजर में वह महज एक भगोड़ा और फरारी काटने वाला अपहरण का आरोपित बनकर रह गया।

    किस्मत का खेल और पुलिस की जाल

    कहते हैं कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी कर ले, वह कानून की नजरों से बच नहीं सकता।

    इस कथित वनवास और फरारी के बीच, किसी तरह युवक ने अपनी प्रेमिका से मिलने की एक गुप्त व्यवस्था की। उसे लगा कि वह अपनी मोहब्बत से मिल पाएगा, किंतु किस्मत ने उसे एक बार फिर दगा दे दिया।

    इस मुलाक़ात की भनक किसी तरह पुलिस महकमे को लग गई। जैसे ही वह अपनी प्रेमिका से मिलने मुकर्रर जगह पर पहुंचा, वहां पहले से घात लगाए बैठी पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।

    महंत साह चौक से मनीष की गिरफ्तारी

    पूरा मामला नगर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने अपहरण के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपित को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

    गिरफ्तार आरोपित की पहचान भोजपुर जिले के आरा स्थित चांदी थाना क्षेत्र के भदवर गांव निवासी मनीष कुमार के रूप में हुई है।

    वह अपनी प्रेमिका से मिलने शहर के व्यस्त महंत साह चौक पर पहुंचा था, जहां पहले से सतर्क पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

    क्या था पूरा मामला?

    दरअसल, युवती के पिता के आवेदन पर इस प्रेम प्रसंग को लेकर नगर थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले में दो लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था।

    मामले की जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष धनंजय चौधरी ने बताया कि पुलिस ने अपहृत युवती को काफी समय पहले ही सकुशल बरामद कर लिया था और इस केस से जुड़े एक अन्य आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

    जबकि, मुख्य आरोपित मनीष कुमार लगातार पुलिस को चकमा देकर लंबे समय से फरार चल रहा था। मंगलवार को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि वह युवती से मिलने महंत साह चौक के पास आने वाला है।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत छापेमारी की और उसे मौके से ही दबोच लिया। आवश्यक पूछताछ और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद आरोपित मनीष को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।