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सीतामढ़ी में जिला पार्षद पति की हत्या के बाद बवाल, भीड़ की पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी घायल; गाड़ियों में तोड़फोड़

Published: Sat, 12 Sep 2026 08:35 AM (IST)Updated: Sat, 12 Sep 2026 10:32 AM (IST)

सीतामढ़ी के डुमरा थाना क्षेत्र में जिला पार्षद प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो की सुबह मार्निंग वॉक के दौरान अपराधियों ने गोली ...और पढ़ें

HighLights

  1. जिला पार्षद प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो की सीतामढ़ी में गोली मारकर हत्या।

  2. अपराधियों ने मार्निंग वॉक के दौरान आठ गोलियां मारीं, सनसनी फैली।

  3. चार दिन पहले पुलिस की निष्क्रियता पर ग्रामीणों ने किया था घेराव।

सुमित कुमार, सीतामढ़ी। जिला मुख्यालय डुमरा थाना क्षेत्र में शनिवार को सुबह-सुबह बड़ा बवाल हो गया। मार्निंग वाक पर निकले जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 की पार्षद खुशदिल देवी के पति सह प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो को बदमाशों ने गोलियों से भूनकर मार डाला।

घटना से आक्रोशित उग्र भीड़ ने जमकर बवाल काटा। घटना से आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया जिसमें इंस्पेक्टर सह यातायात थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार व इंस्पेक्टर अनिल राम समेत कई पुलिसकर्मी घायल व चोटिल हो गए।

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उग्र भीड़ ने जंजीर लेकर डुमरा थाने में तालाबंदी की भी कोशिश की और रोकने पर एएसपी आशीष आनंद समेत छह अन्य पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। सड़क पर आगजनी कर लोगों ने आवागमन को भी ठप कर दिया।

भीड़ ने मामले में आरोपित किए गए गांव के ही एजाज और त्रिभुवन के घर में आग लगा दी। थोड़ी देर बाद आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई ज्यादा क्षति नहीं हुई। 

बवाल के बाद एसपी अमित रंजन के आदेश पर पहुंची 12 थानों की पुलिस और पुलिस लाइन से मंगाए गए बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों ने किसी प्रकार स्थिति को नियंत्रित किया। 

पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने संपूर्ण मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में डुमरा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है।

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मॉर्निंग वॉक के दौरान मारी गोली

बताया जाता है कि मिश्रौलिया पंचायत के केथरिया रामपट्टी गांव निवासी जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 की पार्षद खुशदिल देवी के पति सह प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो शनिवार की सुबह टहलने के लिए निकले थे।

उस समय श्मसान घाट के पास घर से पांच सौ मीटर की दूरी पर दो बाइकों पर सवार चार अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी और फरार हो गए। 

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अपराधियों ने उन्हें ताबड़तोड़ आठ गोलियां मारी हैं। दिनदहाड़े हुई हत्या की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। 

पुराने विवाद में हत्या की आशंका

बताया जा रहा है कि क्षेत्र में शराब कारोबार के विरोध और शराब कारोबारी के खिलाफ शिकायत को लेकर उनका विवाद चल रहा था। इसी विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

पहले भी हो चुकी थी फायरिंग

गौरतलब है कि 28 अगस्त की रात भी बदमाशों ने बैद्यनाथ महतो के घर पर हवाई फायरिंग की थी। घटना के बाद उन्होंने थाने पर पहुंचकर पुलिस को दो खोखे भी उपलब्ध कराए थे। 

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मामले में एजाज और त्रिभुवन समेत तीन लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई।

चार दिन पहले थाना का किया था घेराव

क्षेत्र में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चार दिन पूर्व ग्रामीणों ने डुमरा थाने का घेराव भी किया था। ग्रामीणों ने पुलिस से पूर्व की फायरिंग की घटना में आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की थी।

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इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। इसी बीच शनिवार की सुबह बैद्यनाथ महतो की हत्या ने पुलिस की कार्यशैली और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वीडियो मांगने को लेकर भी उठ रहे सवाल

स्वजन और ग्रामीणों का आरोप है कि 28 अगस्त की फायरिंग के बाद पुलिस की ओर से घटना का वीडियो उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। कथित तौर पर वीडियो मिलने के बाद अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही गई थी।

ग्रामीणों का सवाल है कि जब प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस को घटना में इस्तेमाल किए गए खोखे भी उपलब्ध कराए गए थे तो कार्रवाई के लिए और कितने साक्ष्य की आवश्यकता थी। घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है।

संपूर्ण मामले में डुमरा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार की लापरवाही सामने आई है। उन्हें इस आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित करते लाइन हाजिर कर दिया गया है। भीड़ के पथराव और हमले में जख्मी दो इंस्पेक्टर समेत अन्य पुलिसकर्मियों का अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। वहीं हत्या के बाद पुलिस पर हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए है। कानून को हाथ में लेने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। -अमित रंजन, पुलिस अधीक्षक, सीतामढ़ी।