Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सीतामढ़ी में स्मार्ट मीटर रिचार्ज के नाम पर साइबर जाल, एक कॉल में खाली हो रहे बैंक खाते

    By Rakesh Kumar Srivastava Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Fri, 27 Mar 2026 04:41 PM (IST)

    सीतामढ़ी के पुपरी में साइबर अपराधी स्मार्ट मीटर रिचार्ज के नाम पर बिजली उपभोक्ताओं को निशाना बना रहे हैं। अखबार विक्रेता विजय कुमार के खाते से 35 हजार ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    HighLights

    1. स्मार्ट मीटर रिचार्ज के बहाने साइबर ठग सक्रिय।

    2. पुपरी में दो पीड़ितों से लाखों की ठगी हुई।

    3. बिजली कर्मी बनकर उपभोक्ताओं को फंसाया जा रहा।

    पुपरी (सीतामढ़ी) संवाद सहयोगी । साइबर अपराधी लगातार बिजली उपभोक्ताओं को निशाना बना रहे हैं। स्मार्ट मीटर अपडेट व रिचार्ज के नाम पर उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर उन्हें झांसे में लेकर उनके बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं।

    यह दूसरा मामला है जब नगर के वार्ड 17, पुरानी स्टेट बैंक मोहल्ला निवासी व अखबार विक्रेता (कर्मयोगी) विजय कुमार इस ठगी के शिकार हुए हैं। साइबर अपराधियों ने झांसा देकर उनके बैंक खाते से 35 हजार रुपये उड़ा लिए।

    घटना को लेकर उन्होंने सीधे साइबर विभाग, पटना के नंबर पर कॉल कर इसकी सूचना दी। उन्होंने बताया कि 23 मार्च की शाम करीब 5 बजे उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति ने खुद को बिजली कर्मी बताते हुए फोन किया। उसने कहा कि उनके मीटर का रिचार्ज खत्म हो गया है और जल्द 200 रुपये से रिचार्ज करना होगा।

    इस दौरान साइबर अपराधी ने उनका उपभोक्ता संख्या, पता व पिता का नाम भी सही बताया। बिजली चालू रखने के लिए रिचार्ज करने को कहा गया। उसके झांसे में आकर उन्होंने फोनपे के माध्यम से रिचार्ज कर दिया।

    उन्होंने बताया कि रिचार्ज के दौरान साइबर अपराधी ने लगभग तीन मिनट तक कॉल को प्रोसेस में रखा। उन्हें घटना की जानकारी अगले दिन मोबाइल पर आए मैसेज देखने से मिली।

    उनके सेंट्रल बैंक, पुपरी शाखा स्थित खाते से राशि की निकासी हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने साइबर विभाग, पटना को इसकी जानकारी दी।

    मालूम हो कि उसी दिन साइबर अपराधियों ने एक महिला को बिजली कर्मी बनकर झांसा दिया और शहर के वार्ड 4 निवासी धीरज कुमार गुप्ता व उनकी मां के खाते से 200 रुपये रिचार्ज कराकर अलग-अलग खातों से कुल 4 लाख 59 हजार 700 रुपये उड़ा लिए।

    खबरें और भी

    हालांकि बिजली विभाग लगातार इस तरह की ठगी को लेकर उपभोक्ताओं को आगाह करता रहा है, लेकिन इसके बावजूद लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं।