Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार में फर्जी बीईटीईटी प्रमाणपत्रों पर नौकरी कर रहे शिक्षकों पर कानूनी शिकंजा

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 05:57 PM (IST)

    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर में तीन नियोजित शिक्षकों के खिलाफ फर्जी बीईटीईटी प्रमाणपत्रों पर नौकरी पाने के आरोप में प्राथमिकी द ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    HighLights

    1. सीतामढ़ी में तीन शिक्षकों पर फर्जी प्रमाणपत्र का आरोप।

    2. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने दर्ज कराई अलग-अलग प्राथमिकी।

    3. पुलिस आरोपित शिक्षकों की तलाश में जुटी, जांच जारी।

    संवाद सहयोगी, रुन्नीसैदपुर (सीतामढ़ी)। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (पटना)के पुअनि हकीमउद्दीन ने प्रखंड के तीन नियोजित शिक्षकों के विरुद्ध फर्जीवाड़ा व धोखाधड़ी की धाराओं में महिंदवारा थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है।

    प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय,कुनकुन राय टोला, फुलवरिया में कार्यरत नियोजित शिक्षिका खुशबू कुमारी व राजलक्ष्मी यादव तथा प्राथमिक विद्यालय,कुंडल, पासवान टोला में कार्यरत नियोजित शिक्षक संजय कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अपनी गहन जांच व बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से सत्यापन के बाद यह स्पष्ट किया है कि नियोजन के समय इन नियोजित शिक्षकों के द्वारा आवेदन पत्र में बीईटीईटी के फर्जी अंक प्रमाण पत्र संलग्न किए गए थे।

    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच प्रतिवेदन के अनुसार, प्राथमिकविद्यालय, कुनकुन टोला, फुलवरिया में नियोजित शिक्षिका राजलक्ष्मी यादव पिता पंच नारायण यादव, सिरियल 047130, रौल नंबर 2343110776, पेपर-1, प्राप्तांक -136 तथा वर्ष 2011 तथा खुशबू कुमारी पिता रामेश्वर प्रसाद यादव सिरियल 068672, रौल 2320110271, पेपर -1 , प्राप्तांक -136 , वर्ष 2011 को सत्यापन के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (पटना) के द्वारा फर्जी करार दिया गया है।

    इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय कुंडल में नियोजित शिक्षक संजय कुमार पिता भाग्य नारायण प्रसाद द्वारा प्रस्तुत बीईटीईटी प्रमाणपत्र जिसका सिरियल 070356,रौल नंबर 235110382,पेपर -1, प्राप्तांक -94 वर्ष 2011 को सत्यापन के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के द्वारा फर्जी करार दिया गया है।

    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के द्वारा दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा का यह फर्जी प्रमाणपत्र यह प्रमाणित करता है कि इन शिक्षकों के द्वारा किसी अज्ञात के साथ मिलीभगत कर उक्त फर्जी अंकपत्र की कूट रचना की गई है।

    खबरें और भी

    इस कूट रचित अंकपत्र को असली बताकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत अवैध रूप से नियोजन प्राप्त किया गया है तथा सरकारी राशि का गबन किया गया है। थानाध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस आरोपित शिक्षकों की तलाश में जुटी है।

    यह भी पढ़ें- दरभंगा के 3,000 से ज्यादा शिक्षक सरप्लस, अब किस स्कूल होगी तैनाती?