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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar: सिवान में 139 परिवारों ने जातीय गणना कराने से किया इनकार, कहा- पहले कास्ट का कोड निर्धारित करे सरकार

    By Lalan Prasad Singh (Bhagwanpur Haat)Edited By: Jagran News Network
    Updated: Wed, 23 Aug 2023 03:44 PM (IST)

    जातिय जनगणना इन दिनों बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग राज्य में जातीय जनगणना में हिस्सा लेने से इनकार करते हुए नजर आ रहे हैं। यहां तक कि इस ...और पढ़ें

    जातीय जनगणना की सांकेतिक तस्वीर। फोटो- जागरण
    जातीय जनगणना की सांकेतिक तस्वीर। फोटो- जागरण

    HighLights

    1. लोगों ने कहा- दूसरी जातियों के साथ हमें क्यों जोड़ा गया
    2. विरोध करने वालों का संबंध लोहार जाति से

    संवाद सूत्र, भगवानपुर हाट ( सिवान): सरकार के निर्देश पर किए गए जातीय गणना का प्रखंड क्षेत्र के 139 परिवार द्वारा गणना कराने से इनकार कर दिया गया है । यह जानकारी बीडीओ डॉ कुंदन ने दी। उन्होंने बताया कि प्रखंड के 20 पंचायतों में 534 प्रगणक एवं 89 प्रेक्षक प्रति नियुक्त किया गया था।

    लोहार व नोनिया जाति के लोगों ने किया विरोध

    प्रखंड क्षेत्र में लगभग 54 हजार परिवार है। जिसमें से 139 परिवार दूसरे चरण में जातीय आधारित सर्वे कराने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि इनकार करने वाले परिवारों में सर्वाधिक लोहार जाति एवं खरिया नोनिया जाति के शामिल हैं।

    लोगों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

    उन्होंने बताया कि लोहार जाति के इनकार करने वाले परिवार के स्वामियों का कहना है कि सरकार उनके जाति का कोड निर्धारित करे। दूसरी जाति के कोड से हमारे जाति को क्यों जोड़ा गया है। श्री निवास शर्मा ने बताया कि लोहार जाति का अस्तित्व एक साजिश के तहत समाप्त करने का प्रयास कर रही है सरकार।

    बता दें कि अब तक कई लोग जातीय जनगणना कराने से इनकार कर चुके हैं। कुछ लोगों पर प्रशासन व सरकार ने केस तक दर्ज करने का आदेश दे दिया है। यहां तक कि लोगों ने इस जातीय जनगणना पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया है। इसपर जल्द ही फैसला आ सकता है।  

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