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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वाशिंग मशीन कांड वाले सिवान के दारोगा पत्नी के सामने हुए शर्म से पानी-पानी, तीन दिन पहले बने थे पिता

    Updated: Wed, 14 May 2025 03:38 PM (IST)

    बिहार के सिवान में मंगलवार की देर शाम आसव थाना के एसआइ को 20 हजार और वाशिंग मशीन घूस लेते हुए निगरानी विभाग पटना के द्वारा पकड़ा गया। शिकायतकर्ता असाव ...और पढ़ें

    निगरानी की गिरफ्त में असांव थाना के एसआइ। जागरण।
    निगरानी की गिरफ्त में असांव थाना के एसआइ। जागरण।

    संवाद सूत्र, आंदर (सिवान)। मंंगलवार को घूस में वाशिंग मशीन और 20 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार असांव थाना के एसआइ मिथिलेश कुमार मांझी ने डेढ़ साल पहले अंतरजातीय शादी की थी। वे पत्नी को अपने साथ असांव बाजार में किराए के मकान में लेकर रहते थे। इसी बीच तीन दिन पूर्व पत्नी को सिवान एक निजी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया था।

    पत्नी ने बेटी को दिया था जन्म

    आपरेशन से पत्नी ने पुत्री को जन्म दिया। इसकी देखरेख करने के लिए एसआइ अस्पताल में बैठे हुए थे। उसी दौरान उन्हें निगरानी की टीम ने 20 हजार रुपये नकद व एक वाशिंग मशीन के साथ गिरफ्तार कर लिया। एसआइ करीब तीन वर्ष साल से असांव थाना में तैनात थे। मिथिलेश कुमार हुसैनगंज थाना से 2022 जुलाई में स्थानांतरित होने के बाद असांव थाना में योगदान किए थे।

    डायरी में मदद करने के लिए मांगे थे रुपये

    असांव थाना में पदस्थापित एसआइ मिथिलेश कुमार मांझी को पटना निगरानी की टीम ने मंगलवार की देर शाम करीब आठ बजे सिवान स्थित एक निजी अस्पताल समीप से 20 हजार रुपये व एक वाशिंग मशीन के साथ गिरफ्तार कर लिया। एसआइ की गिरफ्तारी होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

    भूमि विवाद का था मामला

    बताते चलें कि असांव के परसाहा टोला में ब्यास यादव व जिला पार्षद छोटेलाल यादव के बीच कई सालों से कोर्ट में भूमि विवाद चल रहा है। इसी बीच छह दिसबंर को दोनों के बीच मारपीट हुई थी। मारपीट के दौरान एक पक्ष से ब्यास यादव समेत 13 लोग घायल हो गए थे।

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    20 के खिलाफ कराई थी एफआइआर

    इस मामले में पीड़ित द्वारा असांव थाना में आवेदन देकर जिला पार्षद छोटे लाल यादव, अच्छेलाल यादव, चंदन यादव, विजय यादव, धनजी यादव, राहुल यादव, हीरामती देवी, बासमती देवी, कामेंक्षा यादव, बर्फी देवी, सीमा देवी, सुरेजा देवी एवं अमरजीत यादव समेत 20 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिक कराई गई थी।

    बार-बार रुपये और सामान की हो रही थी मांग

    थानाध्यक्ष ने इस केस का अनुसंधानकर्ता मिथिलेश कुमार को बनाया था। इसमें आरोपित चंदन यादव ने बताया कि एसआइ द्वारा डायरी में मदद करने व नाम निकालने के लिए बार-बार रुपये व सामान की मांग की जा रही थी। इससे तंग आकर निगरानी विभाग को शिकायत करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कराया गया है।

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