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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar News: बिहार में शिक्षा विभाग का गजब कारनामा, मृत शिक्षक को भी जारी कर दिया ट्रेनिंग का फरमान

    Updated: Wed, 28 May 2025 01:18 PM (IST)

    सिवान जिले के सिसवन प्रखंड में शिक्षा विभाग ने एक मृत शिक्षक को प्रशिक्षण के लिए बुलाया और अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा। अक्टूबर 2024 में सड़क द ...और पढ़ें

    शिक्षा विभाग ने मृत शिक्षक को जारी किया प्रशिक्षण का फरमान
    शिक्षा विभाग ने मृत शिक्षक को जारी किया प्रशिक्षण का फरमान

    HighLights

    1. मृत शिक्षक को प्रशिक्षण का बुलावा
    2. अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा गया

    संसू, सिसवन (सिवान)। जिले के सिसवन प्रखंड में एक मृत शिक्षक को भी प्रशिक्षण लेने का फरमान जारी कर दिया गया है और प्रशिक्षण में उपस्थित नहीं होने पर उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया है। विभाग के इस कारनामे से सभी हतप्रभ हैं।

    मिली जानकारी के अनुसार सिवान डायट में शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित शिक्षकों के लिए एफएलएन तथा आईसीटी प्रशिक्षण में मृत शिक्षक का नाम जारी कर दिया गया है।

    राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण के निदेशक द्वारा इस शिक्षा पोर्टल पर अपलोड किए गए सतत विकास योजना के तहत कक्षा एक से पांच तक के शिक्षकों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा है।

    मृत शिक्षका को ट्रेनिंग लेने का फरमान

    इसके लिए विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों का चयन किया गया है, इन शिक्षकों में क्रमांक 10 पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय मकतब नयागांव में पदस्थापित रत्नेश कुमार तिवारी, जिनका शिक्षक कोड 1610602101706 का नाम शामिल है। उनकी मृत्यु अक्टूबर 2024 में सड़क दुर्घटना में हो चुकी है, जिसकी सूचना स्वजनों द्वारा विभागीय अधिकारियों को ससमय दे दी गई थी।

    ट्रेनिंग में शामिल नहीं होने पर मांगा गया स्पष्टीकरण

    इसके बाद भी मृत शिक्षक को प्रशिक्षण के लिए 26 मई 2025 को बुलाया गया, जब मृत शिक्षक समय से प्रशिक्षण के लिए नहीं उपस्थित नहीं हुए तो डायट की ओर से उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में शिक्षा विभाग के कारनामे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    दरअसल, ये कोई पहली बार नहीं है जब शिक्षा विभाग की ओर से इस तरह की लापरवाही सामने आई है। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।

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