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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कर्मियों के कानों पर नहीं रेंगी जूं, आदेश के बावजूद पंचायत भवन में कोई नहीं बैठता; पड़ताल में हुआ खुलासा

    By Lalan Prasad Singh (Bhagwanpur Haat)Edited By: Aysha Sheikh
    Updated: Tue, 14 Nov 2023 05:10 PM (IST)

    Siwan News ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में विभिन्न पंचायतों में पंचायत सरकार भवन बनाया गया। हालांकि भवन का निर्माण करने से ...और पढ़ें

    कर्मियों के कानों पर नहीं रेंगी जूं, आदेश के बावजूद पंचायत भवन में कोई नहीं बैठता; पड़ताल में हुआ खुलासा
    कर्मियों के कानों पर नहीं रेंगी जूं, आदेश के बावजूद पंचायत भवन में कोई नहीं बैठता; पड़ताल में हुआ खुलासा

    HighLights

    1. आदेश के बावजूद पंचायत भवन में नहीं बैठते कोई कर्मी
    2. जरूरतमंदों को प्रखंड कार्यालय का लगाना पड़ता है चक्कर

    संवाद सूत्र, भगवानपुर हाट (सिवान)। ग्रामीणों की सुविधा के लिए विभिन्न पंचायतों में पंचायत सरकार भवन बनाया गया है ताकि ग्रामीणों को जाति, आय, निवास, पेंशन, कृषि, दाखिल खारिज आदि कार्य के लिए प्रखंड मुख्यालय का चक्कर लगाना नहीं पड़े, लेकिन इसके विपरीत अभी भी ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय जाकर ही कार्य कराने पड़ रहे हैं।

    ग्रामीणों की शिकायत रहती है कि कर्मी पंचायत भवन में समय से नहीं बैठते हैं। मंगलवार को चोरौली स्थित पंचायत भवन भीखमपुर की पड़ताल की गई तो यहां मौजूद ग्रामीणों का कहना था कि कर्मियों पर किसी भी आदेश का कोई असर नहीं दिखता है।

    इस पंचायत भवन में कार्यपालक सहायक रजनीश कुमार पांडेय के अलावा कोई कर्मी या अधिकारी नहीं बैठते हैं। इस पंचायत के लोगों को आवास सहायक, विकास मित्र, पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी, पीआरएस, किसान सलाहकार से संबंधित कार्य के लिए प्रखंड व अंचल कार्यालय अथवा उनके आवास का चक्कर लगाना पड़ता है।

    कौन है आवास सहायक, इसकी नहीं किसी को जानकारी

    चोरौली निवासी पूर्व मुखिया सुशील कुमार उपाध्याय, पप्पू सिंह, रंजीत सिंह, पिंटू मांझी ने बताया कि सरकार द्वारा आदेश दिया गया है कि सभी विभाग के कर्मी पंचायत भवन में बैठेंगे, लेकिन सरकार के इस आदेश का इन कर्मियों पर तनिक भी प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि यहां कौन आवास सहायक है उसे आज तक किसी ने नहीं देखा है।

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    भूमि संबंधित समस्या के निपटारा के लिए राजस्व कर्मचारी को बैठना चाहिए, लेकिन उनसे मिलने के लिए अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। पंचायत सचिव के नहीं आने से क्षेत्र के लोगों को पेंशन, जन्म-प्रमाण पत्र, मृत्यु-प्रमाण पत्र, आवास योजना की जानकारी, कृषि संबंधित जानकारी आदि के लिए भटकना पड़ता है।

    प्रतिदिन कितने आवेदन होते हैं ऑनलाइन, नहीं मिली जानकारी

    पंचायत भवन में आरटीपीएस काउंटर हमेशा चलने की जानकारी ग्रामीणों ने दी, लेकिन यहां प्रतिदिन कितना आवेदन आनलाइन किया जाता है किसी को इसकी जानकारी नहीं है। यह बताने से कार्यपालक सहायक ने भी इनकार कर दिया। ज्ञात हो कि इस पंचायत भवन में कर्मियों व ग्रामीणों को बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में कुर्सी, टेबल है।

    साथ ही यहां पेयजल, शौचालय, बिजली आदि की व्यवस्था है। यह पंचायत सरकार भवन चारदीवारी के अंदर है। मुखिया सरोज देवी ने बताया कि सरकार द्वारा जिस उद्देश्य से पंचायत भवन पर कर्मियों के बैठने तथा लोगों की समस्या निपटारा का निर्देश दिया गया था, कर्मचारी सरकार के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। सरकार के आदेश का कोई असर किसी भी कर्मचारी पर नहीं दिखता।

    क्या कहते हैं पदाधिकारी?

    अगर कोई कर्मचारी आदेश का पालन नहीं करता है गलत बात है। इसकी शिकायत मिलने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध करवाई की अनुशंसा की जाएगी। - डा. कुंदन, प्रखंड विकास पदाधिकारी, भगवानपुर हाट

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