आजादी के दशकों बाद भी बदहाल इजरा-कन्हौली सड़क, गड्ढों और उड़ती धूल से सिवान की 60 हजार आबादी परेशान
सिवान की इजरा-कन्हौली सड़क दशकों से बदहाल है, जिससे लगभग 60 हजार ग्रामीण आवागमन में भारी परेशानी झेल रहे हैं। ...और पढ़ें

बदहाल इजरा-कन्हौली सड़क
HighLights
इजरा-कन्हौली सड़क दशकों से बदहाल, गड्ढों से भरी।
50-60 हजार ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क मरम्मत की मांग की।
संवाद सूत्र, रघुनाथपुर (सिवान)। प्रखंड के इजरा से कन्हौली को जोड़ने वाली सड़क इन दिनों अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। कभी क्षेत्र के लोगों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग रही यह सड़क आज गड्ढों, उखड़ी ईंटों और उड़ती धूल के कारण ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है।
करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क से इजरा, चांदपुर, कन्हौली, देवपुर और लक्ष्मीपुर समेत आसपास के गांवों के लगभग 50 से 60 हजार लोगों का आवागमन होता है।
हर दिन कठिनाइयों का सामना कर रहे लोग
ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं और अधिकांश हिस्सों की ईंटें उखड़ चुकी हैं। धूल के गुबार से राहगीरों को काफी परेशानी होती है। इन गांवों के लोग दैनिक जरूरतों की खरीदारी के लिए आंदर और हसनपुरा बाजार पर निर्भर हैं, जबकि सरकारी कार्यों के लिए प्रखंड मुख्यालय रघुनाथपुर जाना पड़ता है। खराब सड़क के कारण लोगों को हर दिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण अमरेंद्र सिंह ने कहा कि आजादी के बाद भी इस इलाके के लोगों को बेहतर सड़क नसीब नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि जहां केंद्र और राज्य सरकारें ग्रामीण सड़कों को मुख्य मार्गों से जोड़ने की बात करती हैं, वहीं जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण इस क्षेत्र के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
बरसात के दिनों में हालत और खराब
रत्नेश्वर सिंह ने बताया कि वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं हुई है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। यह मार्ग दोनों गांवों के बीच सबसे कम दूरी का संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन छात्र, किसान, मजदूर और अन्य ग्रामीण गुजरते हैं।
शौकत अली ने कहा कि बरसात के दिनों में सड़क की हालत और भी खराब हो जाती है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और छात्रों को समय पर स्कूल-कॉलेज भेजने में भारी दिक्कत होती है।
ग्रामीण डॉ. धनंजय सिंह ने कहा कि यह सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि कई गांवों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। सड़क की बदहाली से लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से अविलंब सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस दिशा में पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में लोगों की समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।
ग्रामीणों का सवाल है कि क्या विकास केवल शहरों की चौड़ी सड़कों तक सीमित है या फिर गांवों की जर्जर सड़कों पर भी सरकार की नजर जाएगी।
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