भाई संभाल रहे सीवान जिले की कमान, अब बहन सपना झा बनीं SDM; बीपीएससी परीक्षा में गाड़े झंडे
सपना झा ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 201वीं रैंक हासिल कर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) का पद प्राप्त किया है। ...और पढ़ें

अपने परिवार के साथ मधुबनी की सपना झा। (जागरण)
HighLights
सपना झा ने बीपीएससी में 201वीं रैंक प्राप्त कर एसडीएम बनीं।
सिवान के एसपी पूरन कुमार झा की छोटी बहन हैं सपना।
भाई की सफलता से प्रेरित होकर सपना ने हासिल की यह उपलब्धि।
जागरण संवाददाता, सिवान। लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए सही मार्गदर्शन मिले, तो सफलता अवश्य कदम चूमती है। इसे सच कर दिखाया है मूल रूप से मधुबनी की बेटी सपना झा ने।
सपना ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 201वीं रैंक हासिल कर अनुमंडल पदाधिकारी का पद प्राप्त किया है। सपना झा वर्तमान में सिवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा की सगी छोटी बहन हैं।
सपना झा ने अपनी इस बड़ी सफलता का श्रेय अपने बड़े भाई व सिवान के एसपी पूरन कुमार झा को दिया है। उन्होंने बताया कि बड़े भाई की सिविल सेवा में सफलता और समाज के प्रति उनके कर्तव्यों को देखकर ही उन्हें इस राह पर आगे बढ़ने का हौसला मिला।
भाई हैं आदर्श
भाई ही उनके आदर्श हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया और प्रेरित किया। सपना के पिता निर्भय नारायण झा रेलवे में कार्यरत थे, जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
पिता की रेलवे में नौकरी के दौरान राजस्थान में पदस्थापना हुई थी। इसके कारण पूरा परिवार वहीं शिफ्ट हो गया था। जहां राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय से तीनों भाई-बहन ने स्कूली शिक्षा प्राप्त की।
इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि ली। 2018 में इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी शुरू की।
हालांकि, यूपीएससी में लगातार तीन प्रयासों में सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और वर्ष 2022 से अपना पूरा फोकस बीपीएससी पर केंद्रित कर दिया।
कड़ी मेहनत और सटीक रणनीति के बदौलत आखिरकार तीसरे प्रयास में उनका चयन एसडीएम के पद पर हो गया। सफलता के बाद एसपी ने अपने आवास पर स्वजन के साथ बहन को मिठाई खिला बधाई दी।
पढ़ाई के घंटों पर नहीं, टारगेट पूरा करने पर रहा जोर: सपना
सपना का कहना है कि उन्होंने कभी भी घड़ी देखकर या घंटों के हिसाब से पढ़ाई नहीं की। उनका मुख्य फोकस रोजाना के तय टारगेट को पूरा करने पर रहता था। मुख्य परीक्षा में उनका वैकल्पिक विषय इतिहास था।
असफलताओं को लेकर उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि असफलता से घबराने की बजाय अपनी रणनीति की कमियों को पहचानना और मेहनत में लगातार सुधार करना ही सफलता का असली मूलमंत्र है।
मधुबनी के पैतृक गांव और परिवार में जश्न का माहौल
सपना झा का पैतृक घर मधुबनी जिले के सप्ताटोनी मिश्र टोली में है। उनकी इस गौरवमयी उपलब्धि पर उनकी माता रेणु देवी और पिता निर्भय नारायण झा ने इसे पूरे परिवार के लिए ऐतिहासिक और गर्व का क्षण बताया है।
वहीं, उनके दूसरे बड़े भाई राकेश झा, जो बैंक आफ बड़ौदा में शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं, पूरे परिवार ने खुशी जाहिर की है।
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सही योजना और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी सही कार्ययोजना, मानसिक मजबूती, धैर्य और बिना रुके निरंतर प्रयास ही किसी भी परीक्षा में सफलता की असली कुंजी हैं। सपना की मेहनत ने आज पूरे परिवार को गौरवान्वित किया है।
पूरन कुमार झा, एसपी, सिवान