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सिवान सदर अस्पताल में स्ट्रेचर के इंतजार में प्रसूता ने तोड़ा दम, कंधे पर शव ले जाने को मजबूर हुआ पिता

Published: Fri, 26 Jun 2026 06:27 AM (IST)

सिवान के मॉडल सदर अस्पताल में स्ट्रेचर न मिलने के कारण एक प्रसूता की मौत हो गई, जबकि एक पिता ...और पढ़ें

अपनी मृत पुत्री का शव कंधे पर उठाकर ले जाता एक पिता। (जागरण)

अपनी मृत पुत्री का शव कंधे पर उठाकर ले जाता एक पिता। (जागरण)

HighLights

  1. मॉडल सदर अस्पताल में स्ट्रेचर के अभाव में प्रसूता की मौत।

  2. पिता ने मृत बेटी का शव कंधे पर उठाकर अस्पताल से ले गए।

  3. अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और लापरवाही उजागर हुई।

जागरण संवाददाता, सिवान। मॉडल सदर अस्पताल में बुधवार की देर रात एक प्रसूता कि मौत हो गई। स्वजन का आरोप है कि उन्हें अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिला और उसके इंतजार में प्रसूता ने दम तोड़ दिया, वहीं दूसरी ओर एक पिता को अपनी मृत पुत्री का शव कंधे पर उठाकर अस्पताल से बाहर ले जाना पड़ा।

इस कारण अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए स्थिति असहज हो गई थी। पहली घटना गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र के रसूलपुर निवासी जुल्फिकार अहमद के साथ हुई।

स्वजन ने आरोप लगाया कि 26 वर्षीय पत्नी इशरत जहां की प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ने पर स्थानीय पीएचसी से सदर अस्पताल रेफर किया गया था।

सरकारी एंबुलेंस से उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां एंबुलेंस कर्मियों ने अपना स्ट्रेचर देने से साफ इनकार कर दिया और अस्पताल से स्ट्रेचर लाने को कहा।

उस वक्त अस्पताल में केवल दो स्ट्रेचर थे, जो पहले से ही मरीजों के लिए उपयोग में थे। करीब आधे घंटे तक इशरत एंबुलेंस में ही दर्द से कराहती रही।

स्वजन अस्पताल कर्मियों से लेकर एंबुलेंस स्टाफ तक गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने एक न सुनी। जब तक स्ट्रेचर का इंतजाम हो पाता, इशरत की सांसें थम चुकी थीं।

इमरजेंसी में तनाव का माहौल

वहीं, बुधवार की रात गोपालगंज जिले के हथुआ निवासी सुरेंद्र सिंह अपनी बेटी ऋषिका कुमारी को सर्प दंश के बाद इलाज के लिए लाए थे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

बेटी की मौत के बाद शव ले जाने के लिए शव वाहन बुलाया गया, लेकिन यहां भी स्ट्रेचर की समस्या आड़े आ गई। मदद मांगने पर शव वाहन का चालक अस्पताल कर्मियों से ही उलझ गया और अभद्र व्यवहार करने लगा, इससे इमरजेंसी वार्ड में तनाव का माहौल बन गया।

इसके बाद पिता सुरेंद्र सिंह ने अपनी मृत पुत्री के शव को खुद अपने कंधे पर उठाया और शव वाहन तक ले गए।

इसके पूर्व भी 21 जून को ठेला पर स्वजन द्वारा शव ले जाने की घटना हुई थी, इसमें अस्पताल प्रबंधन की किरकिरी हुई थी लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इससे सबक नहीं ली। वहीं 24 जून को खटिया पर भी एक शव ले जाने का मामला सामने आया था।

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घटना की जानकारी हुई है, पूरे मामले की जांच हो रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। माडल सदर अस्पताल के आगे एक हेल्प डेस्क बनाया जा रहा है। जहां एक कर्मी की तैनाती होगी, कोई भी आपातकाल में आने वाले मरीज की समस्या का निदान उक्त कर्मी करेंगे।

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डॉ. अनिल कुमार सिंह , सदर अस्पताल के अधीक्षक

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