Bihar Bhumi: सिवान में जमीन रजिस्ट्री हुई महंगी, MVR दरों में हुई दोगुना तक बढ़ोतरी
सिवान जिले में शहरी और पेरिफेरल क्षेत्रों में एमवीआर दरों में दो गुना और ग्रामीण क्षेत्रों में 1.6 गुना वृद्धि ...और पढ़ें

सिवान में जमीन रजिस्ट्री हुई महंगी, MVR दरों में हुई दोगुना तक बढ़ोतरी

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जागरण संवाददाता, सिवान। जिला समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को जिला मूल्यांकन समिति की बैठक अपर समाहर्ता सह अध्यक्ष प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बिहार स्टांप (लिखत का न्यून मूल्यांकन निवारण) (संशोधन) नियमावली-2026 के तहत जारी नई अधिसूचना के आलोक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इस दौरान जिले में वर्तमान न्यूनतम मूल्यांकन पंजी (एमवीआर) की दरों में बढ़ोतरी को लेकर विशेष रूप से फैसला लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिले में तत्काल प्रभाव से शहरी एवं पेरिफेरल क्षेत्रों में एमवीआर की दरों में दो गुना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 1.6 गुना वृद्धि की जाएगी।
समिति ने जिला अवर निबंधक पंकज कुमार झा को बढ़ी हुई दरों को अधिसूचित करने के लिए अधिकृत कर दिया है। इस फैसले के बाद जिले में भूमि एवं संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वालों को अधिक स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है।
जिला अवर निबंधक ने बताया कि सामान्य स्टांप दर में भी एक प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां समान्य स्टांप दर छह प्रतिशत लगता था, वहीं, अब बढ़ोतरी के बाद सात प्रतिशत लिया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं को हस्तांतरण निबंघन में स्टांप पर विशेष छूट का भी प्रावधान किया गया है। जो 0.3 प्रतिशत से बढ़कर 0.4 फीसदी हो गया है।
साथ ही निबंधन शुल्क में 0.1 प्रतिशत की छूट यथावत है। इस प्रकार कुल छूट 0.5 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने बताया कि महिला से पुरुष के पक्ष में हस्तांतरण के लिए स्टांप का सामान्य दर सात प्रतिशत लागू होगी।
अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय उप समिति का किया गया गठन
बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार ने ग्रामीण, पेरिफेरल और शहरी क्षेत्रों में भूमि वर्गीकरण को एकरूप बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत व्यावसायिक, आवासीय, औद्योगिक, सिंचित, असिंचित तथा अनुपजाऊ भूमि जैसी नई श्रेणियां निर्धारित की गई हैं।
वहीं, जिले में वर्तमान एमवीआर में कई नई श्रेणियां जोड़ने और पुरानी श्रेणियों में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई। इसको लेकर अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय उप समिति का गठन किया गया है।
समिति में जिला अवर निबंधक, विभिन्न प्रखंडों यथा दरौली, बसंतपुर, बड़हरिया, महाराजगंज, रघुनाथपुर के अवर निबंधक, भूमि सुधार उप समाहर्ता, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी तथा अंचलाधिकारी को शामिल किया गया है। उप समिति को एक सप्ताह के भीतर भूमि वर्गीकरण का प्रस्ताव तैयार कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
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