यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Siwan News: सिवान में फिर से जहरीली शराब का कहर, एक की तड़प-तड़पकर मौत; 4 को किया रेफर
Siwan News सिवान के लकड़ी नवीगंज में जहरीली शराब कांड में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से बीमार हो गए। सभी पीड़ितों को आंखों की रोशनी ...और पढ़ें

HighLights
- सिवान में एक बार फिर से जहरीली शराब से मौत की खबर सामने आई है
- वहीं 4 लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने की खबर भी सामने आई है
जागरण संवाददाता, सिवान। Siwan News: सिवान के लकड़ी नवीगंज में गुरुवार की देर रात जहरीली शराब कांड जैसा मामला सामने आया । लकड़ी नवीगंज थाना क्षेत्र इलाके में संदिग्ध परिस्थिति में पांच लोगों की तबीयत बिगड़ गई । सभा पीड़ितों को आंख की रोशनी जाने से संबंधित परेशानी थी। वहीं लोगों की तबीयत बिगड़ने पर बीमार लोगों को लकड़ी नवीगंज स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां से सदर अस्पताल रेफर कर दिया। जहां पांच में से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान अमरजीत यादव के रूप में हुई।
अमरजीत यादव गुरुवार रात शराब पीकर आए थे
मामले में उनकी पड़ोसी सोनी कुमारी ने बताया कि अमरजीत यादव गुरुवार रात में शराब पीकर आए थे। अचानक उन्हें बहुत बेचैनी थी। सुबह होते होते हमलोग अस्पताल लाए, जहां उनकी मौत हो गई ,। मेरे पति ने भी अमरजीत के साथ ही शराब पी थी। रात में तबीयत बिगड़ने लगी। आंखों की रोशनी चली गई।
सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने पटना रेफर कर दिया है। वहीं गम्भीर रूप से बीमार उमेश राय ने बताया कि उन्होंने कल 50 रुपये वाली शराब खरीद कर पी थी। इसके बाद उल्टी हुई और आंख से देखने में परेशानी हो गई। मुझे कुछ नजर नहीं आ रहा है। चिकित्सकों ने इन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया।
बीते अक्टूबर महीने में बिहार में जहरीली शराब से 48 लोगों की मौत हो गई थी
बता दें कि बीते अक्टूबर के महीने में ही सिवान व छपरा के सीमावर्ती भगवानपुर व मशरक प्रखंड समेत आसपास जहरीली शराब पीने से 48 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद पूरे राज्य में कोहराम मच गया। कइयों की आंख की रोशनी भी चली गई।
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बता दें कि पहले सरकारी ठेके पर मिलने वाली देसी शराब की सप्लाई डिस्टिलरी प्लांट से होती थी। उसे खास तापमान में डिस्टिल्ड कर बनाया जाता है, ताकि केवल एथाइल एल्कोहल (ऐथेनाल) आए। यह पीने वाले व्यक्ति को केवल नशा करता है। कच्ची या नकली शराब बनाने के लिए कई तरह के घातक रसायन का इस्तेमाल किए जाने की खबरें मिलती हैं। इसमें कोई नियत तापमान नहीं होता।
उससे एथाइल के साथ मिथाइल, एथाइल, प्रोपाइल आदि एल्कोहल भी शराब में शामिल हो जाते हैं। मिथाइल सबसे ज्यादा खतरनाक एल्कोहल होता है। इसका सबसे ज्यादा असर आंखों एवं दिमाग पर पड़ता है। यह लिवर को भी प्रभावित करता है। इसके के सेवन से व्यक्ति के आंखों की रोशनी चली जाती है और उनकी मौत हो सकती है।