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    महावीरी मेला के दौरान शरारती तत्वों ने किया पथराव, थानाध्यक्ष समेत आधा दर्जन लोग हुए घायल

    Updated: Fri, 05 Sep 2025 06:20 PM (IST)

    सिवान के बड़हरिया में महावीरी अखाड़ा जुलूस के दौरान पथराव हुआ जिसमें थानाध्यक्ष समेत कई लोग घायल हो गए। उपद्रवियों ने वाहनों और गुमटी को भी नुकसान पहु ...और पढ़ें

    महावीरी मेला के दौरान शरारती तत्वों ने किया पथराव। (जागरण)
    महावीरी मेला के दौरान शरारती तत्वों ने किया पथराव। (जागरण)

    HighLights

    1. महावीरी अखाड़ा जुलूस में पथराव |
    2. थानाध्यक्ष समेत कई घायल |
    3. पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ा |

    संवाद सूत्र, बड़हरिया (सिवान)। थाना क्षेत्र के बड़हरिया-तरवारा मुख्य मार्ग पर स्थित गंडक विभाग कार्यालय के समीप गुरुवार की देर रात महावीरी अखाड़ा जुलूस के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने पथराव कर दिया।

    इस दौरान बीच बचाव करने पहुंचे थानाध्यक्ष रूपेश कुमार वर्मा, चौकीदार समेत करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। थानाध्यक्ष का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया।

    बताया जाता है कि गुरुवार की रात बड़हरिया में महावीरी अखाड़ा जुलूस निकला था, तभी कुछ शरारती तत्वों ने पथराव कर दिया। इससे घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। घटना की जानकारी जैसे ही थानाध्यक्ष को हुई वे मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने का प्रयास करने लगे।

    बीच बचाव के दौरान भी उन्हें भी पत्थर लग गई। इससे वे भी घायल हो गए। इस घटना में करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। यह घटना मेला स्थल से अखाड़े के गुजरने के बाद की बताई जाती है।

    बीडीओ संदीप कुमार और सीओ सरफराज अहमद जान बचाकर भागे

    वहीं, मेला ड्यूटी में तैनात बीडीओ संदीप कुमार और सीओ सरफराज अहमद किसी तरह जान बचाकर अस्पताल पहुंचे। इसके बाद सूचना पाकर एसपी मनोज कुमार तिवारी, सदर एसडीपीओ अजय सिंह, एसडीओ आशुतोष गुप्ता दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले को शांति कराते हुए उपद्रवियों को खदेड़ा।

    इस घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया। वहीं, चौक-चौराहे पर पुलिस बल की तैनाती भी कर दी गई। पुलिस का कहना है शरारती तत्वों को चिह्नित किया जा रहा है। बताया जाता है कि शरारती तत्वों ने डॉ. अशरफ अली के सामने खड़ी वाहनों को शिकार बनाया।

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    वहीं, एक गुमटी में रखा 50 हजार का सामान नष्ट कर दिया और गुमटी को क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि अखाड़ा के दौरान कहीं पुलिस तैनात नहीं थी। यदि पुलिस गश्त करती तो ऐसी घटना नहीं घटती।