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नीचे मछली, ऊपर बिजली: सुपौल के राजा पोखर सोलर प्लांट में मत्स्य पालन और बिजली उत्पादन में आएगी तेजी

Published: Fri, 11 Sep 2026 12:43 PM (IST)

सुपौल के राजा पोखर में स्थापित फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का उप विकास आयुक्त ने निरीक्षण किया। उन्होंने खराब इनवर्टर ...और पढ़ें

नीचे मछली, ऊपर बिजली (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

नीचे मछली, ऊपर बिजली (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. उप विकास आयुक्त ने राजा पोखर फ्लोटिंग सोलर प्लांट का निरीक्षण किया।

  2. खराब इनवर्टर ठीक कर बिजली उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

  3. मत्स्य पालन और बिजली उत्पादन से स्थानीय आजीविका को बढ़ावा।

जागरण संवाददाता, सुपौल। जिले में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार ने पिपरा प्रखंड की दीनापट्टी पंचायत अंतर्गत सखुआ गांव स्थित राजा पोखर में स्थापित 525 किलोवाट पीक क्षमता वाले फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का निरीक्षण किया। 

इस दौरान उन्होंने प्लांट के संचालन की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया तथा बिजली उत्पादन और पोखर के उपयोग की स्थिति की समीक्षा की। लोगों ने बताया कि इस परियोजना का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया था। 

निरीक्षण के दौरान लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता, जिला मत्स्य पदाधिकारी, स्थानीय मुखिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। उप विकास आयुक्त ने प्लांट के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से प्लांट की तकनीकी स्थिति, वर्तमान बिजली उत्पादन तथा पोखर में मत्स्य पालन की संभावनाओं के संबंध में जानकारी ली।

पोखर की साफ-सफाई के निर्देश

निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं दीनापट्टी पंचायत के मुखिया को पोखर तथा उसके आसपास के परिसर की व्यापक साफ-सफाई सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्लांट के बेहतर संचालन के लिए आसपास का क्षेत्र स्वच्छ और व्यवस्थित रहना आवश्यक है।

मत्स्य पालन को बढ़ावा देने पर जोर

डीडीसी ने नीचे मछली, ऊपर बिजली की अवधारणा को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने जिला मत्स्य पदाधिकारी को पोखर में वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन की गतिविधियां शुरू कराने एवं उसे सुचारू रूप से संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हो सकती है।

700-800 यूनिट प्रतिदिन हो रहा बिजली का उत्पादन

निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों एवं प्लांट के संचालक के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि प्लांट के तीन इनवर्टर खराब हैं। वर्तमान में लगभग 700 से 800 यूनिट प्रतिदिन बिजली का उत्पादन हो रहा है। 

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बताया गया कि सभी इनवर्टर के ठीक हो जाने के बाद लगभग 2,400 यूनिट प्रतिदिन बिजली उत्पादन होने की संभावना है। इस पर उप विकास आयुक्त ने संबंधित तकनीकी एजेंसी को खराब इनवर्टर एवं अन्य उपकरणों को शीघ्र दुरुस्त करने तथा प्लांट में मौजूद तकनीकी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यक रखरखाव कार्य में तेजी लाकर प्लांट को उसकी निर्धारित क्षमता के अनुरूप संचालित किया जाए।

पूरी क्षमता से संचालन पर जोर

उप विकास आयुक्त ने कहा कि फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट जिले की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसका उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर मत्स्य पालन एवं आजीविका के अवसरों को मजबूत करना भी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्लांट का संचालन पूरी क्षमता से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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