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    भारत-नेपाल बॉर्डर पर पहरा सख्त; फेस स्कैनिंग व बायोमेट्रिक के बाद सुपौल के भीमनगर-कुनौली चेकपोस्ट से मिलेगी एंट्री

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 09:42 AM (IST)

    नेपाल में हालिया हिंसक घटनाओं के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। भीमनगर और कुनौली चेकपोस्ट से प्रवेश के लिए अब बायोमेट्रिक ...और पढ़ें

    भारत नेपाल सीमा पर सख्ती।

    भारत नेपाल सीमा पर सख्ती।

    HighLights

    1. नेपाल में हिंसक घटनाओं के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ी।

    2. भीमनगर-कुनौली चेकपोस्ट पर फेस स्कैनिंग, बायोमेट्रिक, मूल आईडी अनिवार्य।

    3. असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने को आधुनिक सुरक्षा तंत्र।

    संवाद सहयोगी, वीरपुर (सुपौल)। नेपाल में हाल के दिनों में हुई हिंसक घटनाओं को देखते हुए भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक कड़ा कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने अब सीमा पार करने वाले हर शख्स के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं।

    यदि कोई भी भारतीय नागरिक भीमनगर या कुनौली चेकपोस्ट के रास्ते नेपाल सीमा में प्रवेश कर रहा है, तो अब उसकी बायोमेट्रिक जांच के साथ-साथ फेस स्कैनिंग भी की जाएगी। इसके साथ ही यात्रियों के पास अपना मूल पहचान पत्र (Original ID Card) होना अनिवार्य कर दिया गया है। इन सभी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद ही नेपाल सीमा में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

    दोनों चेकपोस्ट पर लगाए गए कंप्यूटर और वेब कैमरे

    भीमनगर और कुनौली, दोनों ही प्रमुख एंट्री प्वाइंट्स पर कंप्यूटर और हाई-टेक वेब कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं, जिनके माध्यम से यात्रियों का डिजिटल सत्यापन (Digital Verification) किया जा रहा है। मंगलवार से इस नई व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।

    संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में भारत-नेपाल के अन्य सीमावर्ती इलाकों में भी इसी तरह का आधुनिक सुरक्षा तंत्र स्थापित किया जाएगा। वहीं, पहली बार यह कड़ी चेकिंग लागू होने के कारण दोनों चेकपोस्ट पर यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

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    एसएसबी डीआईजी के निर्देश पर शुरू हुई व्यवस्था

    बता दें कि हाल ही में एसएसबी के डीआईजी मधुकर अमिताभ ने भीमनगर चेकपोस्ट का जायजा लिया था। उसी निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीमा के प्रवेश (Entry) और निकास (Exit) द्वारों पर फेस स्कैनिंग सिस्टम तैनात करने का निर्देश दिया था, जिसे अब पूरी तरह से अमल में ला दिया गया है।

    कैसे काम करेगी यह नई प्रणाली?

    • पहली बार जाने वालों का रिकॉर्ड: सीमा पार करने वाले किसी भी व्यक्ति को कैमरे के सामने अपना ओरिजिनल आईडी प्रूफ दिखाना होगा और चेहरे की स्कैनिंग करानी होगी। इसके बाद उसकी पूरी जानकारी सिस्टम के डेटाबेस में सुरक्षित हो जाएगी।

  • दोबारा आवाजाही पर तुरंत पहचान: एक बार डेटा फीड होने के बाद, दोबारा आवाजाही करने पर केवल चेहरे की स्कैनिंग से ही यात्री का ऑटोमैटिक सत्यापन हो जाएगा।

  • वाहनों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: सीमा पार करने वाले वाहनों का भी अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। पहले लोग मोबाइल फोन में आईडी कार्ड की फोटो दिखाकर निकल जाते थे, लेकिन अब बिना हार्ड कॉपी (ओरिजिनल आईडी) के प्रवेश पूरी तरह रोक दिया गया है।

  • ओपन बॉर्डर नीति पर कसेगी लगाम

    भारत-नेपाल की 'ओपन बॉर्डर' नीति का असामाजिक तत्व और अपराधी अक्सर गलत फायदा उठाते रहे हैं। फेस स्कैनिंग और बायोमेट्रिक जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा। इससे मानवीय चूक की गुंजाइश खत्म होगी और संदिग्धों का रियल-टाइम डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षाबलों के पास उपलब्ध रहेगा।