यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
PM Kisan Yojana: अटक जाएगी पीएम किसान की 16वीं किस्त! आज ही करा लें ये जरूरी काम
केंद्र सरकार ने किसानों की आर्थिक लाभ देने के लिए पीएम किसान योजना शुरू की है। इस योजना में किसानों को किस्तों में राशि दी जाती है। अब किसानों के अकाउ ...और पढ़ें

HighLights
- पीएम किसान योजना के लिए ई- केवाईसी व एनपीसीआई कराना अनिवार्य।
- विभाग के प्रयासों के बावजूद अबतक हजारों किसानों ने नहीं कराया ई-केवाईसी।
जागरण संवाददाता, सुपौल। PM Kisan Yojana 16th Installment । पीएम किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित किसानों के लिए सरकार ने ई- केवाईसी व एनपीसीआई कराना अनिवार्य कर दिया है। ताकि अपात्र लाभुकों की पहचान हो सके। इसके लिए कृषि विभाग ने कैंप आयोजित कर किसानों को जागरूक किया
करा लें ये काम नहीं तो....
विभाग के लाख प्रयास के बावजूद ऐसे हजारों किसान मिले हैं, जिन्होंने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है। एनपीसीआई नहीं करने वाले किसानों की संख्या तो इससे कहीं अधिक है।
अब विभाग ने ऐसे किसानों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि किसान समय रहते ई-केवाईसी व एनपीसीआई नहीं कराते हैं तो, फिर उन्हें अगले किस्त (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) से वंचित होना पड़ेगा।
दरअसल, अपात्र लाभुकों की पहचान को लेकर सरकार ने ई-केवाईसी और एनपीसीआई करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए पंचायत बार शिविर का आयोजन किया गया। इसके बावजूद किसानों का रुची नहीं लेना विभाग के लिए मुसीबत बना हुआ है।
सिर्फ सुपौल में इतने किसान वंचित
यदि बिहार के सुपौल जिले की बात करें तो कृषि विभाग के मुताबिक, एनपीसीआई से अब भी 7499 लाभुक किसान (PM Kisan Yojana से) वंचित हैं। सरकारी लाभ आधारित पासबुक का एनपीसीआई करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए किसानों को संबंधित बैंक से संपर्क कर आधार से लिंक करना होता है, ताकि सही लाभुकों के खाते में राशि भेजी जा सके।
इसके अलावा यदि किसान पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाते हैं, तो उनका ई-केवाईसी और एनपीसीआई दोनों साथ हो जाता है। इसके बावजूद ई-केवाईसी और एनपीसीआई से किसानों का वंचित रहना फिलहाल विभाग के लिए मुसीबत बना हुआ है।
बताते चलें कि पीएम किसान सम्मन निधि योजना के तहत जिले में लाभुक किसानों को 6000 की राशि वर्ष में तीन किस्तों में दी जाती है। अब जबकि योजना के तहत 16वीं किस्त की राशि किसानों को दी जानी है, तो ऐसे में ई-केवाईसी और एनपीसीआई से वंचित किसानों को इस राशि से वंचित होना पड़ सकता है।